Who: ईरान के बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हुए एयर स्ट्राइक के बाद दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि इस तरह के हमले किसी बड़े परमाणु हादसे को जन्म दे सकते हैं, जिसका असर कई पीढ़ियों तक देखने को मिल सकता है।
न्यूक्लियर साइट पर हमले का खतरा
टेड्रोस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि यह घटना एक चेतावनी है। अगर न्यूक्लियर केंद्रों को निशाना बनाया जाता है, तो इससे न सिर्फ तत्काल नुकसान होगा बल्कि लंबे समय तक स्वास्थ्य संकट भी पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे संघर्ष बढ़ रहा है, खतरा भी उतनी ही तेजी से बढ़ता जा रहा है।
Who: IAEA रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
यह बयान इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी की रिपोर्ट के बाद आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक प्रोजेक्टाइल प्लांट के पास गिरा, जिससे मलबे की चपेट में आने से एक कर्मचारी की मौत हो गई।
Who: बुशहर प्लांट क्यों है अहम
बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट ईरान का इकलौता चालू न्यूक्लियर पावर प्लांट है। यह बुशहर शहर में स्थित है, जहां करीब ढाई लाख लोग रहते हैं। यह इलाका ईरान के औद्योगिक और सैन्य दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
रेडिएशन का स्तर सामान्य
हालांकि राहत की बात यह है कि अब तक रेडिएशन लेवल में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं पाई गई है। IAEA के मुताबिक, हाल के हफ्तों में यह चौथी ऐसी घटना है जब प्लांट के आसपास हमले की स्थिति बनी है।
IAEA ने दिए सुरक्षा के 7 मंत्र
Who: IAEA के प्रमुख रफेल ग्रॉसी ने इस पर चिंता जताते हुए कहा कि न्यूक्लियर साइट्स को किसी भी हाल में निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 7 अहम बिंदुओं पर जोर दिया: भौतिक संरचना की सुरक्षा, उपकरणों की सही कार्यक्षमता, कर्मचारियों की सुरक्षा, बिजली आपूर्ति, जरूरी संसाधनों की उपलब्धता, रेडिएशन मॉनिटरिंग, मजबूत संचार व्यवस्था, इन सभी का मकसद किसी भी संभावित परमाणु हादसे और रेडियोएक्टिव रिसाव को रोकना है।
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