Home » उत्तर प्रदेश » तारीख पर तारीख से टूटी लव जिहाद का शिकार हुई मां! लखनऊ हाईकोर्ट की छत पर चढ़ ‘3 महीने के मासूम संग कूदने की दी धमकी’

तारीख पर तारीख से टूटी लव जिहाद का शिकार हुई मां! लखनऊ हाईकोर्ट की छत पर चढ़ ‘3 महीने के मासूम संग कूदने की दी धमकी’

लखनऊ-हाईकोर्ट की छत पर गोद में बच्चा लेकर चढ़ी महिला

UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। जहां एक महिला अपने तीन महीने के मासूम बच्चे को गोद में लेकर हाईकोर्ट परिसर की पांच मंजिला इमारत की छत पर चढ़ गई और कूदने की धमकी देने लगी। महिला की इस हरकत से पूरे कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर मौजूद लोगों की सांसें थम गईं। मौके पर मौजूद  लोगों के अनुसार, महिला लगातार रोते हुए चिल्ला रही थी- ‘मुझे न्याय नहीं मिला, अब मैं जिंदा नहीं रहना चाहती… मैं कूद जाऊंगी।‘ यह सुनकर नीचे खड़े वकील, फरियादी और आम लोग उसे समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन महिला अपनी जिद पर अड़ी रही।

करीब एक घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा

घटना शाम करीब 4 बजे सी-ब्लॉक स्थित इमारत की है। जैसे ही लोगों की नजर महिला पर पड़ी, वहां भीड़ जुटनी शुरू हो गई। कुछ ही मिनटों में स्थिति गंभीर हो गई और इसकी सूचना पुलिस व केंद्रीय सुरक्षा बलों को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और सीआरपीएफ टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। एहतियात के तौर पर इमारत के नीचे जाल बिछाया गया, ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में जान बचाई जा सके। वहीं, महिला तक पहुंचने के लिए कुछ महिला सिपाहियों को छत पर भेजा गया।

सुरक्षाकर्मियों ने जल्दबाजी न करते हुए बेहद धैर्य और समझदारी का परिचय दिया। महिला को लगातार बातचीत में उलझाए रखा गया, ताकि उसका ध्यान भटकाया जा सके। इस दौरान महिला बार-बार कूदने की धमकी देती रही, जिससे वहां मौजूद लोगों की चिंता और बढ़ गई। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद जैसे ही महिला का ध्यान कुछ पल के लिए भटका, एक महिला सिपाही ने तेजी से आगे बढ़कर उसे पकड़ लिया और रेलिंग से नीचे खींच लिया। इस साहसिक कदम से एक बड़ी दुर्घटना टल गई और महिला व उसका बच्चा सुरक्षित बचा लिए गए।

UP News: पारिवारिक विवाद से परेशान थी महिला

महिला की पहचान 23 वर्षीय रूपाली शर्मा के रूप में हुई है, जो गोंडा जिले के जगन्नाथपुर गांव की रहने वाली है। जानकारी के मुताबिक, रूपाली ने करीब दो साल पहले मोहम्मद साबिर से प्रेम विवाह किया था, जो परिवार की मर्जी के खिलाफ हुआ था। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान महिला गर्भवती भी हो गई। हालात बिगड़ने पर उसने अपने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई और बाद में तलाक के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

पुलिस ने मामले में क्या बताया?

बताया जा रहा है कि पहले यह मामला निचली अदालत में चल रहा था, जहां कई बार समझौते की कोशिशें हुईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां मिडिएशन की प्रक्रिया जारी थी। महिला का आरोप है कि उसका पति अक्सर पेशी पर नहीं आता था, जिससे उसे लगातार तारीख पर तारीख मिल रही थी और वह मानसिक रूप से टूटती जा रही थी। पुलिस के अनुसार, रूपाली शुक्रवार को अपने पति के वकील से मिलने हाईकोर्ट आई थी, ताकि किसी तरह मामले का हल निकल सके। लेकिन बातचीत सफल नहीं हुई, जिसके बाद वह बेहद आहत हो गई और यह खतरनाक कदम उठा लिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, सीआरपीएफ और कोर्ट सुरक्षा टीम सक्रिय हो गई। पूरे परिसर को सुरक्षित किया गया और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। सीआरपीएफ के सुरक्षा अधिकारी आर.के. तिवारी ने बताया कि टीम ने संयम और रणनीति के साथ काम करते हुए महिला को पहले शांत किया और सही मौके का इंतजार किया। जैसे ही अवसर मिला, उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।

ये भी पढ़े… सूचना छिपाने के आरोप में नपे दो SHO और LIU कॉन्स्टेबल, पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने किया निलंबित