Iran crisis: भारत ने एक बार फिर अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने में बड़ी सफलता हासिल की है। विदेश मंत्री S. Jaishankar ने जानकारी दी कि 312 और भारतीय मछुआरों को ईरान से आर्मेनिया के रास्ते सुरक्षित भारत लाया गया है। उन्होंने इस मिशन को सफल बनाने के लिए आर्मेनिया सरकार और अपने समकक्ष Ararat Mirzoyan का धन्यवाद किया। इससे पहले 5 अप्रैल को भी 345 भारतीय मछुआरों को इसी रास्ते सुरक्षित चेन्नई लाया गया था, जो इस पूरे ऑपरेशन की लगातार सफलता को दिखाता है।
आर्मेनिया का अहम सहयोग
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर लगातार सक्रिय है। अब तक 1200 से ज्यादा भारतीयों को ईरान से निकाला जा चुका है, जिनमें से 996 लोगों को आर्मेनिया के जरिए सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में आर्मेनिया की भूमिका बेहद अहम रही है, जिसने संकट के समय भारत का साथ दिया।
Iran crisis: इस्लामाबाद में शुरू हो रही बड़ी वार्ता
इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है। United States और Iran के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान की राजधानी Islamabad में उच्चस्तरीय वार्ता शुरू होने जा रही है। इस बातचीत में अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने बातचीत को लेकर सकारात्मक उम्मीद जताई है और कहा है कि इससे क्षेत्र में स्थिरता आ सकती है।
वैश्विक असर पर टिकी नजरें
Iran crisis: पूरी दुनिया की नजर अब इस वार्ता पर टिकी हुई है, क्योंकि इसका असर सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और कूटनीतिक समीकरणों पर भी पड़ सकता है।







