Asha Bhosle: भारतीय संगीत जगत की दिग्गज और बेहद बहुमुखी गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने अपनी सुरीली आवाज से करीब सात दशकों तक फिल्म इंडस्ट्री पर राज किया। महज 10 साल की उम्र में गाना शुरू करने वाली आशा का करियर 82 साल लंबा रहा, जिसमें उन्होंने 12 हजार से अधिक गाने गाए। उनका आखिरी गाना साल 2026 में रिलीज हुआ था।
साल 1947 में एक रिकॉर्डिस्ट ने उनकी आवाज को “खराब” कहकर ठुकरा दिया था, लेकिन आशा ने हार नहीं मानी। लगातार मेहनत और संघर्ष के दम पर उन्होंने हिंदी, मराठी सहित लगभग 20 भाषाओं में गाने गाए और अपना नाम ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज कराया।
अपने करियर में आशा भोसले ने 9 फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते, जिनमें 7 बेस्ट फीमेल प्लेबैक सिंगर के लिए थे। एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें 100 से ज्यादा बड़े पुरस्कार मिले और कुल 18 बार फिल्मफेयर के लिए नामांकन भी मिला। खास बात यह रही कि 1979 में उन्होंने खुद अपना नाम वापस ले लिया, ताकि नई गायिकाओं को मौका मिल सके। उन्होंने मोहम्मद रफी के साथ लगभग 900 और किशोर कुमार के साथ 600 से ज्यादा गाने गाए।

Asha Bhosle: सांगली में जन्म और संगीत से जुड़ा परिवार
आशा भोसले का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। उनके पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर एक प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक थे। घर में शुरू से ही संगीत का माहौल था। उनकी बहन लता मंगेशकर और अन्य भाई-बहन भी संगीत से जुड़े रहे।
जब आशा केवल 9 साल की थीं, तब 1942 में उनके पिता का निधन हो गया। इसके बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया। घर चलाने के लिए आशा और लता ने कम उम्र में ही गाना गाना और फिल्मों में छोटे रोल करना शुरू कर दिया।
मराठी फिल्म से बॉलीवुड तक का सफर
आशा भोसले ने 1943 में मराठी फिल्म ‘माझा बाळ’ से अपने करियर की शुरुआत की। हिंदी फिल्मों में उन्हें पहला मौका 1948 में फिल्म ‘चुनरिया’ से मिला। शुरुआती दिनों में उन्हें वे गाने मिलते थे जिन्हें बड़ी गायिकाएं छोड़ देती थीं, और अक्सर उन्हें साइड या डांसर किरदारों के लिए गाने गाने पड़ते थे।

Asha Bhosle: ओपी नैयर के साथ बदली किस्मत
संगीतकार ओ.पी. नैयर के साथ उनकी जोड़ी बेहद सफल रही। जब आशा अपने करियर में संघर्ष कर रही थीं, तब नैयर ने उनकी प्रतिभा को पहचाना। उन्होंने उनकी आवाज के खास अंदाज और वेस्टर्न टच को समझा, जिसे पहले कई लोग नकार चुके थे।
1957 की फिल्म ‘नया दौर’ के गानों ‘उड़े जब-जब जुल्फें तुम्हारी’ और ‘मांग के साथ तुम्हारा’ ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। इसके बाद करीब दो दशकों तक नैयर ने केवल आशा के साथ काम किया और उनके लिए 300 से ज्यादा गाने बनाए। इन्हीं गानों की वजह से आशा ने अपनी अलग पहचान बनाई।
आरडी बर्मन के साथ नया प्रयोग
1960 और 70 के दशक में आर.डी. बर्मन के साथ उनकी जोड़ी ने संगीत को नया रूप दिया। ‘दम मारो दम’ और ‘पिया तू अब तो आजा’ जैसे गानों ने उन्हें इंडिपॉप की क्वीन बना दिया। उन्होंने अपनी आवाज में वेस्टर्न और जैज का अनोखा मेल किया।
जब लोगों ने उन्हें सिर्फ कैबरे सिंगर समझना शुरू किया, तब 1981 में फिल्म ‘उमराव जान’ आई। इसमें ‘दिल चीज क्या है’ और ‘इन आंखों की मस्ती के’ जैसे गजलों से उन्होंने क्लासिकल गायकी में भी अपनी जगह मजबूत कर ली।

मशहूर जुगलबंदियां
आशा भोसले ने मोहम्मद रफी के साथ 900+ गाने, किशोर कुमार के साथ 600+ गाने, लता मंगेशकर के साथ लगभग 80 गाने, आरडी बर्मन के लिए 500+ गाने, ओपी नैयर के साथ 300+ गाने गाए और हर दौर में अपनी छाप छोड़ी।
कुकिंग और रेस्टोरेंट बिजनेस
सिंगिंग के अलावा उन्हें खाना बनाने का भी बहुत शौक था। उनके बनाए ‘कढ़ाई गोश्त’ और ‘बिरयानी’ के दीवाने राज कपूर से लेकर ऋषि कपूर तक थे।उन्होंने अपने इस शौक को बिजनेस में बदला और ‘Asha’s’ नाम से इंटरनेशनल रेस्टोरेंट चेन शुरू की, जिसकी शुरुआत दुबई से हुई और बाद में कई देशों तक फैल गई।
इंटरनेशनल म्यूजिक में पहचान
मार्च 2026 में उनका आखिरी गाना मशहूर ब्रिटिश बैंड Gorillaz की एल्बम ‘द माउंटेन’ में रिलीज हुआ। ‘The Shadowy Light’ नाम के इस गाने में उन्होंने ग्रफ राइस और अमान-अयान अली बंगश के साथ काम किया।
इस बैंड के निर्माता डेमन अलबर्न 70 के दशक के बॉलीवुड संगीत और आरडी बर्मन के बड़े प्रशंसक रहे हैं। उन्होंने आशा की आवाज को “एक्सपेरिमेंटल” और “साइकेडेलिक” बताया था।

अंतिम वर्षों तक सक्रिय रहीं
आशा भोसले अपने अंतिम समय तक म्यूजिक रियलिटी शोज और लाइव कॉन्सर्ट्स में सक्रिय रहीं। 2023 में उन्होंने 90वें जन्मदिन पर दुबई में परफॉर्म भी किया।
ब्रेट ली के साथ खास गाना
2006 में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर Brett Lee के साथ ‘You’re the One for Me’ गाना गाया। यह गाना हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में था और काफी लोकप्रिय हुआ।आशा भोसले की आवाज, उनका जुनून और उनका योगदान भारतीय संगीत में हमेशा अमर रहेगा।








