Up news: एनआईए की विशेष अदालत ने उत्तर प्रदेश में आतंकी साजिश से जुड़े एक अहम मामले में फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को 5 साल के कठोर कारावास से लेकर उम्रकैद तक की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने सभी दोषियों पर 20,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े एक मॉड्यूल से संबंधित है, जिसका उद्देश्य यूपी के विभिन्न शहरों में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना था।
मामला और गिरफ्तारी
यह केस साल 2021 में सामने आया था, जब यूपी एटीएस ने लखनऊ से मुसीरुद्दीन उर्फ राजू और मिन्हाज अहमद को गिरफ्तार किया था। इनके साथ जम्मू-कश्मीर के बडगाम निवासी तौहीद अहमद शाह भी इस साजिश में शामिल पाया गया। बाद में जांच एनआईए को सौंप दी गई और अदालत में आरोप तय किए गए।
Up news: आतंकी साजिश का खुलासा
जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क स्वतंत्रता दिवस 2021 से पहले यूपी में बड़े आतंकी हमले करने की योजना बना रहा था। इसके लिए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री जुटाने की कोशिश की जा रही थी। साथ ही युवाओं को संगठन से जोड़ने और उन्हें कट्टरपंथ की ओर मोड़ने का काम भी चल रहा था।
Up news: भर्ती और नेटवर्क की भूमिका
एनआईए के अनुसार मिन्हाज अहमद ने कई युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़कर संगठन में शामिल किया। मुसीरुद्दीन को भी इसी नेटवर्क में लाकर उससे निष्ठा की शपथ (बैअत) दिलाई गई थी। इसके बाद सभी आरोपी मिलकर भर्ती और आतंकी गतिविधियों की योजना में सक्रिय रूप से शामिल थे।
अन्य आरोपी और जांच निष्कर्ष
Up news: इस मामले में लखनऊ के तीन अन्य आरोपी शकील, मोहम्मद मुस्तकीम और मोहम्मद मोईद को पहले ही शस्त्र अधिनियम के तहत दोषी ठहराया जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया कि इस नेटवर्क का एक अन्य सदस्य मूसा मार्च 2022 में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया था, जो लश्कर-ए-तैयबा से भी जुड़ा पाया गया था।
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