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पश्चिम एशिया तनाव के बीच इराक फिर शुरू करेगा तेल निर्यात, होर्मुज संकट का असर बरकरार

Iran US
TEHRAN, July 22, 2019 (Xinhua) -- The photo released on July 21, 2019 shows the British oil tanker "Stena Impero" near the Strait of Hormuz, Iran. Iran's Islamic Revolution Guard Corps (IRGC) seized the British oil tanker "Stena Impero" last Friday in the Strait of Hormuz for what it called "failing to respect the international maritime rules while passing through the strait". (Morteza Akhoundi/ISNA/Handout via Xinhua/IANS)

Iran US: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इराक ने तेल निर्यात को फिर से शुरू करने की घोषणा की है। पिछले एक महीने से अधिक समय से होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट के कारण तेल सप्लाई प्रभावित थी, जिससे इराक की अर्थव्यवस्था और उत्पादन पर बड़ा असर पड़ा। अब हालात सामान्य करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, हालांकि क्षेत्र में तनाव अभी भी बना हुआ है।

निर्यात बहाली की प्रक्रिया शुरू

इराक के तेल मंत्रालय के अनुसार, देश के सभी तेल क्षेत्रों से निर्यात जल्द ही पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा। ऊर्जा सूत्रों ने बताया कि दक्षिणी क्षेत्रों से तेल निर्यात पहले ही फिर से शुरू हो चुका है और टैंकरों में कच्चा तेल भरना भी शुरू हो गया है। इससे वैश्विक बाजार में आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है।

Iran US: होर्मुज संकट से प्रभावित हुआ उत्पादन

इराक का लगभग 90 प्रतिशत कच्चा तेल होर्मुज मार्ग से गुजरता है। इस मार्ग में बाधा आने के कारण देश के भंडारण टैंक भर गए थे, जिससे उत्पादन में भारी कटौती करनी पड़ी। दक्षिणी तेल क्षेत्रों में उत्पादन को लगभग 80 प्रतिशत तक कम करना पड़ा था, जो इराक की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव जारी

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। ईरानी सेना ने होर्मुज मार्ग पर कड़ी निगरानी की बात कही है और चेतावनी दी है कि यदि प्रतिबंध जारी रहते हैं तो जहाजों की आवाजाही फिर से रोकी जा सकती है। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका ने समझौतों का पालन नहीं किया है और क्षेत्र में दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

Iran US: अनिश्चितता के बीच वैश्विक चिंता बढ़ी

अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि जब तक पूर्ण समझौता नहीं होता, तब तक ईरानी बंदरगाहों पर प्रतिबंध जारी रहेंगे। दोनों देशों के बीच हालिया वार्ता भी सफल नहीं रही, जिससे स्थिति और अनिश्चित हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और कीमतों पर पड़ सकता है। इस घटनाक्रम के बीच इराक का निर्यात फिर शुरू होना राहत की खबर है, लेकिन क्षेत्रीय तनाव के चलते स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है।