Assam CM: असम में परिसीमन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि परिसीमन प्रक्रिया को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, जबकि इसका उद्देश्य लंबे समय से चले आ रहे असंतुलन को दूर करना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कदम राज्य के बेहतर प्रतिनिधित्व और संतुलित विकास के लिए जरूरी था।
परिसीमन को बताया जरूरी सुधार
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि वर्ष 2023 में किया गया परिसीमन कोई साजिश नहीं, बल्कि एक आवश्यक और लंबे समय से लंबित प्रक्रिया थी। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य राजनीतिक और जनसांख्यिकीय असंतुलन को ठीक करना है। उनके अनुसार, यह कदम वास्तविक स्थिति के अनुरूप निर्वाचन क्षेत्रों को पुनर्गठित करने के लिए उठाया गया।
Assam CM: पिछली सरकारों पर लगाए आरोप
सरमा ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने वोट बैंक की राजनीति के कारण जनसंख्या में हुए बदलावों को नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि इससे प्रतिनिधित्व में असमानता पैदा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जो प्रक्रिया अपनाई गई है, वह इन गलतियों को सुधारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन
असम में परिसीमन प्रक्रिया के तहत विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण किया गया है। इसमें जनसंख्या के संतुलन, भौगोलिक निरंतरता और प्रशासनिक सुविधा को ध्यान में रखा गया। साथ ही अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों का पुनर्गठन भी किया गया, ताकि उनकी आबादी के अनुपात के अनुसार प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।
Assam CM: विपक्ष के आरोपों पर पलटवार
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण बताते हुए इसकी आलोचना की है। उन्होंने इसे विशेष समुदायों के खिलाफ बताते हुए राजनीतिक लाभ का आरोप लगाया है। हालांकि, मुख्यमंत्री सरमा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं, वे इसलिए असहज हैं क्योंकि यह व्यवस्था उनके पुराने राजनीतिक लाभ को प्रभावित कर रही है।
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