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ट्रम्प की सख्ती, समझौते तक नहीं हटेगी नाकेबंदी, ईरान बोला- धमकियों से नहीं झुकेंगे

ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा
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US Iran Tension: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कहा है कि जब तक ईरान के साथ कोई ठोस समझौता नहीं होता, तब तक अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी को नहीं हटाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि एक हफ्ते पहले शुरू हुई यह कार्रवाई ईरान की स्थिति को कमजोर कर रही है। ट्रम्प का कहना है कि इस पूरे संघर्ष में अमेरिका की स्थिति मजबूत है और वह पीछे हटने के मूड में नहीं है।

ईरान का जवाब और सख्त चेतावनी

ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बगेर ग़ालिबफ़ ने ट्रम्प के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका दबाव बनाकर और युद्धविराम तोड़कर ऐसी स्थिति बनाना चाहता है, जिसमें ईरान को मजबूर होकर झुकना पड़े या फिर दोबारा युद्ध शुरू हो सके। उन्होंने साफ कहा कि ईरान किसी भी तरह के दबाव में बातचीत नहीं करेगा और बीते दो हफ्तों में उसने युद्ध की तैयारी को और मजबूत कर लिया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच अस्थायी युद्धविराम समाप्त होने वाला है।

ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा
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पाकिस्तान में संभावित बातचीत की तैयारी

ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार यह दल इस्लामाबाद पहुंच सकता है। हालांकि ईरानी नेता ने यह शर्त रखी है कि वे तभी बातचीत में शामिल होंगे, जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी वहां मौजूद हों। खबरों के मुताबिक वेंस के साथ स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर भी इस यात्रा में शामिल हो सकते हैं।

US Iran Tension: हाल के प्रमुख घटनाक्रम

बीते चौबीस घंटों में कई अहम घटनाएं सामने आई हैं। ट्रम्प ने कहा कि युद्धविराम सीमित समय तक ही रहेगा और अगर समझौता नहीं हुआ तो इसे आगे बढ़ाना मुश्किल होगा। दूसरी ओर, अमेरिका के अधिकारी बातचीत के अगले दौर के लिए पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि पहले ईरान ने इससे इनकार किया था। होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या भी काफी कम हो गई है। इसके अलावा इजराइल और लेबनान के बीच भी बातचीत जारी है और एक ईरानी जहाज को अमेरिका द्वारा पकड़े जाने से तनाव और बढ़ गया है।

जहाज को लेकर विवाद और आरोप

अमेरिकी नेता निक्की हेली ने दावा किया है कि पकड़े गए जहाज में मिसाइल बनाने के लिए जरूरी रसायन ले जाए जा रहे थे। उनका कहना है कि जहाज को कई बार चेतावनी दी गई, लेकिन उसने रुकने से इनकार किया। उन्होंने यह भी कहा कि चीन की ओर से ईरान को मिल रही सैन्य सहायता अब खुलकर सामने आ रही है।

US Iran Tension: ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा
ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा

US Iran Tension: ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया

ईरान ने इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए जहाज और उसके क्रू मेंबर्स की तुरंत रिहाई की मांग की है। ईरान का कहना है कि वह अपने नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी अमेरिका की होगी।

नाकेबंदी का असर और समुद्री गतिविधियां

अमेरिकी नाकेबंदी के कारण कई जहाजों को वापस लौटना पड़ा है या उन्हें ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने से रोका गया है। इस वजह से समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति पर असर पड़ रहा है, जिससे वैश्विक बाजार भी प्रभावित हो सकता है।

ट्रम्प ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान जल्द ही बातचीत के लिए तैयार हो जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा नहीं होता है, तो ईरान को गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई जरूरी थी और अंत में इसका सकारात्मक परिणाम निकलेगा।

अमेरिका में विरोध और पाकिस्तान की भूमिका

अमेरिका में कुछ पूर्व सैनिकों ने इस युद्ध के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। वहीं पाकिस्तान ने कहा है कि वह दोनों देशों के बीच बातचीत कराने के लिए तैयार है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ लोग बड़े ऐलानों से पहले ही बाजार में दांव लगाकर भारी मुनाफा कमा रहे हैं। इससे इनसाइडर ट्रेडिंग की आशंका जताई जा रही है, हालांकि कुछ विशेषज्ञ इसे बाजार की समझ भी मानते हैं।

भारत से जुड़ी अहम स्थिति

भारत के लिए भी यह स्थिति महत्वपूर्ण है। एक भारतीय टैंकर सुरक्षित मुंबई पहुंचने वाला है और भारतीय नौसेना अरब सागर में सुरक्षा के लिए तैनात है। कई भारतीय जहाज अभी भी खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं और उन्हें सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इस पूरे मामले में बातचीत बेहद जरूरी मानी जा रही है। ईरान में बड़े फैसले सैन्य संगठन लेते हैं, इसलिए उनकी सहमति अहम है। अमेरिका भी इस तनाव को जल्द खत्म करना चाहता है। पाकिस्तान इस मौके का उपयोग अपनी कूटनीतिक स्थिति मजबूत करने के लिए कर सकता है। यदि यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो अन्य बड़े देशों की भागीदारी से स्थिति और जटिल हो सकती है।

ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा
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भारतीय नौसेना की सतर्कता

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए भारतीय नौसेना ने अरब सागर में अपने जहाज तैनात कर दिए हैं। भारतीय जहाजों को बिना सुरक्षा के संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरने से मना किया गया है। हाल ही में कुछ भारतीय जहाजों को रोके जाने और उन पर फायरिंग की घटना के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाया है।

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