Diabetes Care: भारत में मीठा खाना सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि हमारी आदत और परंपरा का हिस्सा है। लेकिन जैसे ही किसी को डायबिटीज होती है, सबसे बड़ा झटका मीठा छोड़ने का लगता है। ऐसे में कई लोग सफेद चीनी की जगह गुड़ या जैगरी पाउडर को “हेल्दी ऑप्शन” मानकर इस्तेमाल करने लगते हैं। लेकिन क्या सच में यह सही है?

क्या गुड़ और चीनी दोनों बराबर हैं?
डाइटिशियन स्वाति सिंह के अनुसार, यह सोच पूरी तरह सही नहीं है। गुड़ या जैगरी पाउडर और सफेद चीनी, दोनों ही शरीर में ब्लड शुगर को बढ़ाते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि चीनी ज्यादा प्रोसेस्ड होती है, जबकि गुड़ में थोड़े-बहुत मिनरल्स मौजूद रहते हैं। लेकिन इससे डायबिटीज पर कोई खास फर्क नहीं पड़ता।
क्या डायबिटीज में गुड़ खा सकते हैं?
सीधा जवाब है, नहीं, या बहुत सीमित मात्रा में।अगर आपका ब्लड शुगर पूरी तरह कंट्रोल में है, तो कभी-कभी बहुत थोड़ी मात्रा में गुड़ लिया जा सकता है। लेकिन इसे रोज़ाना खाने की आदत बनाना सही नहीं है।डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अपनी डाइट में फाइबर और प्रोटीन बढ़ाएं और किसी एक्सपर्ट की सलाह से ही खानपान तय करें।

Diabetes Care: कैलोरी की बात करें तो
1 टेबल स्पून जैगरी पाउडर में लगभग 38–66 कैलोरी होती हैं। वहीं, 1 टेबल स्पून चीनी में लगभग 48–60 कैलोरी होती हैं।यानि कैलोरी के मामले में दोनों लगभग बराबर हैं। इसलिए यह कहना कि गुड़ पूरी तरह से हेल्दी है, सही नहीं होगा।
गुड़ हो या चीनी, दोनों ही मीठे हैं और दोनों ही ब्लड शुगर बढ़ाते हैं। डायबिटीज के मरीजों को इनका सेवन बहुत सोच-समझकर और सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।याद रखें, “नेचुरल” होने का मतलब हमेशा “सेफ” नहीं होता, खासकर जब बात डायबिटीज की हो।
Written by-Kanishka Ram
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