Supreme Court: ग्रेटर नोएडा के चर्चित ग्रैंड वेनेज़िया प्रोजेक्ट से जुड़े कथित करोड़ों रुपये के घोटाले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। लंबे समय से अपने पैसे के लिए संघर्ष कर रहे निवेशकों ने अब दोबारा सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। निवेशकों का आरोप है कि प्रोजेक्ट के प्रमोटर सतेंद्र सिंह भसीन ने अदालत के आदेशों की अवहेलना की है और जानबूझकर कानूनी प्रक्रिया से बचने की कोशिश कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना का आरोप
निवेशकों द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2 अप्रैल को दिए अपने आदेश में भसीन की जमानत रद्द कर दी थी। अदालत ने उन्हें सात दिनों के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था। हालांकि, भसीन ने इस अवधि को बढ़ाने की मांग की थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया। इसके बावजूद निर्धारित समयसीमा बीत जाने के बाद भी उन्होंने सरेंडर नहीं किया है।
Supreme Court: निवेशकों की बढ़ती चिंता और आरोप
निवेशकों का कहना है कि भसीन जानबूझकर मामले को लंबा खींचने के लिए अलग-अलग कानूनी उपायों का सहारा ले रहे हैं। उनका आरोप है कि यदि इस तरह के रवैये पर सख्ती नहीं बरती गई तो इससे न्याय व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। निवेशकों ने यह भी आशंका जताई है कि भसीन देश छोड़कर फरार हो सकते हैं, जिससे उनका पैसा और अधिक खतरे में पड़ सकता है।
पुलिस की भूमिका पर भी उठे सवाल
याचिका में उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। निवेशकों का कहना है कि पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इससे आरोपित को बच निकलने का अवसर मिल रहा है, जो कानून व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।
Supreme Court: सख्त कार्रवाई की मांग
निवेशकों ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि भसीन को तत्काल आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया जाए। इसके साथ ही उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने और देश से भागने से रोकने के लिए लुकआउट सर्कुलर लागू करने की भी मांग की गई है। निवेशकों को उम्मीद है कि अदालत जल्द ही इस मामले में सख्त रुख अपनाएगी और उन्हें न्याय मिलेगा।








