Pawan Khera Case: पवन खेड़ा को बड़ा कानूनी झटका लगा है। गुवाहाटी हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह मामला हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां शर्मा से जुड़े आरोपों को लेकर दर्ज किया गया था।
गिरफ्तारी का खतरा बढ़ा
हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद खेड़ा की गिरफ्तारी की आशंका बढ़ गई है और अब पुलिस को आगे की कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
Pawan Khera Case: क्या है पूरा मामला
विवाद तब शुरू हुआ जब पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रिनिकी भुइयां शर्मा पर एक से अधिक पासपोर्ट और विदेश में संपत्ति होने जैसे आरोप लगाए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि इन तथ्यों का खुलासा चुनावी हलफनामे में नहीं किया गया।
इन आरोपों को रिनिकी भुइयां शर्मा ने खारिज करते हुए 6 अप्रैल को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी, मानहानि और चुनाव से जुड़े भ्रामक बयान देने जैसी धाराएं लगाई गई हैं। इसके बाद उन्होंने 6 अप्रैल को पवन खेड़ा और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया. कानूनी प्रक्रिया के दौरान पवन खेड़ा को 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट से एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत मिली थी, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने असम सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए इस आदेश पर रोक लगा दी. साथ ही कोर्ट ने कहा कि खेड़ा को इस मामले में अग्रिम जमानत के लिए असम की सक्षम अदालत में ही आवेदन करना चाहिए.
पहले मिली थी अंतरिम राहत
इससे पहले तेलंगाना हाई कोर्ट ने खेड़ा को एक हफ्ते की ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगा दी और उन्हें असम की अदालत में ही जमानत के लिए आवेदन करने को कहा। इस मामले को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरम हो गया है, क्योंकि यह सीधे तौर पर कांग्रेस और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से जुड़ा हुआ है।
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