Home » तेलंगाना » तेलंगाना में आरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, सरकार ने शुरू की बातचीत की पहल

तेलंगाना में आरटीसी कर्मचारियों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी, सरकार ने शुरू की बातचीत की पहल

कर्मचारियों की हड़ताल

Telangana Bus Strike: तेलंगाना में राज्य परिवहन सेवा (आरटीसी) से जुड़े कर्मचारियों की हड़ताल लगातार तीसरे दिन भी जारी रही। इस वजह से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लगभग 40,000 कर्मचारी काम पर नहीं पहुंचे, जिसके कारण राज्य की ज्यादातर बसें डिपो में ही खड़ी रहीं और सेवाएं लगभग ठप हो गईं।

हड़ताल के बीच सरकार और कर्मचारियों के बीच बातचीत की संभावना बनी हुई है। उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क के नेतृत्व में कैबिनेट की एक उपसमिति बनाई गई है, जो कर्मचारी नेताओं से बातचीत करेगी और समाधान निकालने की कोशिश करेगी।

प्रदर्शन के दौरान दर्दनाक घटना

इस बीच हड़ताल के दौरान एक बेहद दुखद घटना सामने आई। वारंगल जिले में प्रदर्शन कर रहे आरटीसी ड्राइवर शंकर गौड़ (55) ने खुद को आग लगा ली थी। उनकी हालत बहुत गंभीर थी और वे 80% तक जल गए थे। इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह हैदराबाद के अपोलो डीआरडीओ अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

कर्मचारियों की हड़ताल
कर्मचारियों की हड़ताल

शव ले जाने को लेकर तनाव और झड़प

शंकर गौड़ की मौत के बाद मुथुपेट इलाके में तनाव बढ़ गया। कर्मचारी उनके शव को नरसंपेट डिपो ले जाना चाहते थे, जहां उन्होंने आत्मदाह किया था। लेकिन पुलिस ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया, जिससे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई।

इस दौरान विपक्षी पार्टी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के नेता कर्मचारियों के समर्थन में सामने आए। पुलिस ने बीआरएस नेता और पूर्व विधायक पेड्डी सुदर्शन रेड्डी को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया।

Telangana Bus Strike: सुरक्षा बढ़ाई गई

स्थिति को देखते हुए पूरे राज्य के आरटीसी डिपो में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। गुरुवार को कुछ अन्य कर्मचारियों ने भी आत्मदाह करने की कोशिश की थी, लेकिन साथियों और पुलिस ने समय रहते उन्हें रोक लिया।

शंकर गौड़ की मौत के बाद कर्मचारियों की संयुक्त कार्रवाई समिति  ने एक आपात बैठक बुलाई है। इस बैठक में आगे की रणनीति और आंदोलन की दिशा तय की जा रही है।

परिवहन सेवाएं प्रभावित, लोग परेशान

हड़ताल के तीसरे दिन भी सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह प्रभावित रहा। इसका सबसे ज्यादा असर सरकारी और निजी कर्मचारियों, छात्रों और रोजाना मजदूरी करने वाले लोगों पर पड़ा है, जिन्हें यात्रा में काफी दिक्कत हो रही है।

हालांकि, तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीजीएसआरटीसी) ने बताया है कि किराये की, निजी और इलेक्ट्रिक बसों के जरिए कुछ सेवाएं चलाई जा रही हैं। हैदराबाद के महात्मा गांधी बस स्टेशन (एमजीबीएस) और जुबली बस स्टेशन (जेबीएस) से कुछ बसें चल रही हैं। साथ ही आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे पड़ोसी राज्यों के लिए भी सीमित बस सेवाएं उपलब्ध हैं।

मेट्रो और ट्रेन में बढ़ी भीड़

बस सेवाएं बंद होने के कारण मेट्रो और एमएमटीएस ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ काफी बढ़ गई है। लोग इन विकल्पों का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे वहां भी दबाव बढ़ गया है।

गुरुवार शाम हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने कर्मचारियों से हड़ताल खत्म करने और शांति बनाए रखने की अपील की। सरकार ने यह भरोसा भी दिलाया कि बातचीत के जरिए सभी समस्याओं का समाधान निकालने की पूरी कोशिश की जाएगी।

ये भी पढ़े…ट्रम्प का बड़ा ऐलान: इजराइल–लेबनान सीजफायर 3 हफ्ते और बढ़ा, मिडिल ईस्ट में राहत की उम्मीद