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प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल की पार्टी को क्यों बताया ‘आलीशान आदमी पार्टी’ ? किसे कहा दिल्ली का ‘रहमान डकैत’ ?

New Delhi: प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल की पार्टी को क्यों बताया 'आलीशान आदमी पार्टी' ? किसे कहा दिल्ली का 'रहमान डकैत' ?
New Delhi: पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी में हुई टूट ने भाजपा नेताओं को उन पर तंज कसने का मौका दे दिया है।इस बीच दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने केजरीवाल पर सादगी की राजनीति का दावा करने के बावजूद आलीशान जीवनशैली अपनाने का आरोप लगाया और उनके नए सरकारी आवास को लेकर कई सवाल खड़े किए।

झूठी कसमें खाई, झूठे हलफनामे दिये

मंत्री प्रवेश वर्मा ने प्रेसवार्ता कर कहा, ‘आज एक बार फिर आपके सामने वे लोग हैं, जो दिल्ली की जनता को धोखा देते आ रहे हैं। अन्ना आंदोलन का सहारा लेकर, महात्मा गांधी, शहीद भगत सिंह और बाबा साहेब अंबेडकर की तस्वीरों का सहारा लेकर, आम आदमी पार्टी की टोपी पहनकर जिन्होंने एक रुपये के स्टाम्प पेपर पर यह हलफनामा दिया था कि “मैं सरकारी घर नहीं लूंगा, बंगला नहीं लूंगा, गाड़ी नहीं लूंगा”, जो अपने बच्चों की झूठी कसम खाते हैं। दिल्ली के ‘रहमान डकैत’ निकले हैं।

New Delhi: राजा की तरह रहते हैं शीशमहल में

उन्होंने खास तौर पर केजरीवाल के नए सरकारी आवास का जिक्र करते हुए कहा कि वे वर्षों तक अदालतों में जाकर सरकारी घर की मांग करते रहे। अब जब उन्हें आवास मिला है और वे 95, लोधी एस्टेट में शिफ्ट हुए हैं, तो उसकी भव्यता देखकर हर कोई हैरान है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आवास किसी आम नागरिक का नहीं, बल्कि किसी आलीशान होटल के सुइट जैसा प्रतीत होता है।
प्रवेश वर्मा ने कहा कि इस आवास को “शीश महल” करार दिया। उन्होंने कहा कि जो नेता खुद को आम आदमी बताते थे, वे अब राजाओं की तरह जीवन जी रहे हैं। उनके मुताबिक, इसमें रहना गलत नहीं है, लेकिन फिर खुद को “आम आदमी पार्टी” कहना भी उचित नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पार्टी का नाम “आम आदमी पार्टी” की जगह “आलीशान आदमी पार्टी” होना चाहिए।

आजाद भारत में सबसे खर्चीले नेता केजरीवाल

उन्होंने कहा, “आजाद भारत के इतिहास में यह पहला ऐसा व्यक्ति है जिसके शौक खत्म ही नहीं हो रहे। अगर आजाद भारत के इतिहास में सबसे ज्यादा खर्चीले शौक वाला कोई व्यक्ति पैदा हुआ है, तो उसका नाम अरविंद केजरीवाल है। उनके शौक नवाबों जैसे हैं। उनकी पार्टी का नाम ‘आम आदमी पार्टी’ है, लेकिन उनके काम राजा-महाराजाओं जैसे हैं। उनकी पार्टी का नाम ‘आलीशान आदमी पार्टी’ होना चाहिए।

New Delhi: ‘शीश महल’ में किसका पैसा लगा है?

प्रवेश वर्मा ने कहा, “जिस व्यक्ति ने दो कमरों का फ्लैट देने का वादा किया था, उसे बार-बार ऐसा ‘शीश महल’ बनाने की जरूरत क्यों महसूस होती है? क्या केजरीवाल इसका जवाब देंगे? भाजपा पूछना चाहती है, ठीक वैसे ही, जैसे पहले ‘शीश महल’ में शराब ठेकेदारों का पैसा लगा था और उन्हें फायदा हुआ था, इस नए ‘शीश महल’ में किसका पैसा लगा है? किन कंपनियों का पैसा इस्तेमाल हुआ है? यह पैसा कहां से आया? कितना पैसा खर्च हुआ? और क्या जनता को अंदर आकर इसे देखने की इजाजत मिलेगी?”
दिल्ली सरकार के मंत्री ने कहा, “यह सरकारी घर है, लेकिन इस घर में जो पैसा लगा है वह सरकारी नहीं है। इस घर में लगा एक-एक पैसा निजी है। जो आदमी कहता था, ‘मैं बंगला, मकान नहीं लूंगा’, उसका अर्थ था कि मैं साधारण घर नहीं, महल लूंगा।”

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