Trump Warns Iran: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को ईरान को एक कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास युद्ध खत्म करने और सीजफायर पर सहमत होने के लिए सिर्फ तीन दिन हैं, वरना उसकी तेल पाइपलाइन में बड़ा धमाका हो सकता है।
ट्रम्प ने यह बात फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कही। उनके मुताबिक, अगर ईरान तेल का निर्यात नहीं कर पाता, तो पाइपलाइन के अंदर दबाव बहुत बढ़ जाएगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि तेल को जहाजों या स्टोरेज टैंकों तक भेजने का रास्ता बंद है और उस पर नाकेबंदी लगी हुई है।
उन्होंने समझाया कि जब तेल का बहाव अचानक रुक जाता है, तो पाइपलाइन में दबाव जमा हो जाता है। इससे तकनीकी और प्राकृतिक कारणों से पाइपलाइन फट भी सकती है। ट्रम्प का दावा है कि अगर ऐसा हुआ, तो पाइपलाइन को दोबारा पहले जैसी हालत में बनाना बहुत मुश्किल होगा और उसकी क्षमता भी कम हो जाएगी।

ईरान का सख्त रुख: न्यूक्लियर और होर्मुज पर समझौता नहीं
ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी समझौते को लेकर सख्त रवैया अपनाया है। उसने साफ कहा है कि उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम और होर्मुज स्ट्रेट के मुद्दे पर कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।
Foreign Minister @araghchi has met with Pakistan's Chief of the Army Staff of the Pakistan Army Field Marshal Syed Asim Munir Ahmed Shah in Islamabad on Sunday. pic.twitter.com/vr6ZhPrHLp
— IRNA News Agency ☫ (@IrnaEnglish) April 26, 2026
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, यह संदेश पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक भेजा गया है। ईरान ने इन दोनों मुद्दों को अपनी “रेड लाइन” बताया है और कहा है कि इन पर किसी भी तरह की बातचीत या समझौता संभव नहीं है।
ईरान ने यह भी साफ किया कि यह कोई औपचारिक बातचीत नहीं थी, बल्कि सिर्फ अपनी स्थिति बताने की एक कूटनीतिक पहल थी। विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस पूरे मामले में तय सीमाओं के भीतर काम कर रहे हैं।
ईरान के विदेश मंत्री की लगातार यात्राएं और बातचीत
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची हाल ही में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से होनी है। इस बैठक में युद्ध और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा होगी।
इसके पहले वे पाकिस्तान गए थे, जहां उन्होंने वहां के अधिकारियों से बातचीत की कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत किन हालात में आगे बढ़ सकती है।
इसके बाद वे ओमान भी पहुंचे, जहां होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा, समुद्री रास्तों और साझा हितों पर चर्चा हुई। ओमान के बाद वे फिर पाकिस्तान लौटे और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मिले।
Trump Warns Iran: होर्मुज स्ट्रेट खोलने का नया प्रस्ताव
ईरान ने अमेरिका को एक नया प्रस्ताव दिया है। इस योजना का मकसद होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना और युद्ध खत्म करना है।सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्ताव में कहा गया है कि परमाणु मुद्दे पर बातचीत बाद में की जा सकती है। यानी पहले युद्ध और तनाव खत्म करने की कोशिश की जाए, फिर न्यूक्लियर मुद्दे पर चर्चा हो।
वॉशिंगटन और तेहरान के बीच कूटनीतिक बातचीत लगभग रुक गई है। इस्लामाबाद में हुई हाल की बातचीत में भी कोई बड़ा नतीजा नहीं निकला।
बातचीत में अड़चन और ट्रम्प की भूमिका
ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने बताया कि ट्रम्प के हस्तक्षेप के बाद अमेरिकी डेलिगेशन इस्लामाबाद नहीं पहुंचा। इससे बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी।उन्होंने कहा कि अब यह साफ नहीं है कि अमेरिका बातचीत को लेकर कितना गंभीर है।
तेल कीमतों में तेज उछाल
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत रुकने और होर्मुज स्ट्रेट से तेल सप्लाई कम होने की वजह से दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ गई हैं।
ब्रेंट क्रूड 107 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चला गया है, जबकि WTI क्रूड 96 डॉलर से ज्यादा हो गया है।ब्रेंट क्रूड उत्तरी सागर (यूरोप के पास) से निकाला जाता है और इसे दुनिया का मानक तेल माना जाता है।WTI क्रूड अमेरिका का तेल है, जो हल्का और शुद्ध होता है और इसे रिफाइन करना आसान होता है।
ट्रम्प का बयान: ईरान खुद संपर्क करे
ट्रम्प ने कहा है कि अगर ईरान बातचीत करना चाहता है तो उसे सीधे अमेरिका को फोन करना चाहिए।उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास बातचीत के लिए सुरक्षित रास्ते मौजूद हैं। ट्रम्प के मुताबिक, ईरान को पता है कि किसी भी समझौते में क्या शर्तें होंगी और उसे परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी।उन्होंने यह भी दावा किया कि यह संघर्ष जल्द खत्म होगा और अंत में अमेरिका की जीत होगी।
ईरान का नया कूटनीतिक प्रयास
ईरान ने कहा है कि वह पहले मौजूदा संकट को खत्म करना चाहता है और बाद में परमाणु मुद्दे पर बात करेगा। इसका उद्देश्य जल्दी समाधान निकालना है ताकि हालात और खराब न हों।
इजराइल की मदद और आयरन डोम तैनाती
इजराइल ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम “आयरन डोम” और सैन्य कर्मियों को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में तैनात किया था।यह सिस्टम रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर देता है। यह कदम उस समय लिया गया जब ईरान की ओर से UAE और आसपास के क्षेत्रों पर मिसाइल और ड्रोन हमले हो रहे थे।अबू धाबी ने अपने महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा के लिए सहयोगी देशों से मदद मांगी थी।

चीन की भूमिका पर ट्रम्प की राय
ट्रम्प ने कहा कि उन्हें ईरान के मामले में चीन से ज्यादा आपत्ति नहीं है। उनका कहना है कि चीन थोड़ी मदद कर सकता है, लेकिन उसका असर बहुत बड़ा नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई देश दूसरों की मदद करता है तो उसे गलत नहीं कहा जा सकता।
रूस में ईरान की अहम बैठक
ईरान के विदेश मंत्री अराघची रूस में राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात करेंगे। इस बैठक में युद्ध, सीजफायर और अमेरिका-इजराइल के साथ चल रही बातचीत पर चर्चा होगी।
ईरानी संसद का बयान
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने कहा कि मौजूदा हालात में किसी एक पक्ष की पूरी बढ़त नहीं है।उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट, तेल पाइपलाइन और ऊर्जा सप्लाई जैसे अहम साधन अभी पूरी तरह इस्तेमाल नहीं किए गए हैं। वहीं दूसरी तरफ, तेल भंडार और मांग में कमी जैसे कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं।
They brag about the cards.
Let's see:
Supply Cards= Demand CardsSOH (partly played)+BEM(unplayed)+Pipelines(unplayed)= Inv Release (played)+Demand Destruction (partly played)+⏳More Price Adj (to come)
Add summer vacation to the right unless they want to cancel it for the US!
— محمدباقر قالیباف | MB Ghalibaf (@mb_ghalibaf) April 26, 2026
उन्होंने संकेत दिया कि आने वाले समय में तेल की कीमतों में और बदलाव हो सकता है और इसका असर आम लोगों की जिंदगी और यात्रा पर भी पड़ सकता है।
कुल मिलाकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। बातचीत रुकने से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, वैश्विक बाजार प्रभावित हुआ है और कूटनीतिक कोशिशें कई देशों के बीच जारी हैं। स्थिति अभी भी बेहद अस्थिर बनी हुई है।
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