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यूपी विधानसभा में बोले CM योगी- ‘शाहबानो केस में मुस्लिम महिला के साथ अन्याय किया, मौलवियों के सामने सपा-कांग्रेस ने रगड़ी नाक’

यूपी विधानसभा में बोले CM योगी

UP News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में महिला आरक्षण के मुद्दे पर आज गुरुवार को उस समय गरमाहट बढ़ गई, जब विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाया गया। इस सत्र को मुख्यमंत्री योगी ने आधी आबादी यानी महिलाओं को समर्पित करते हुए एक बड़े राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की। अपने संबोधन में उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सामाजिक न्याय और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया, लेकिन साथ ही विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला भी बोला।

राष्ट्र की प्रगति महिलाओं की भागीदारी के बिना संभव नहीं

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण की शुरुआत महिलाओं की भूमिका और उनके योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति महिलाओं की भागीदारी के बिना संभव नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार महिला सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार काम कर रही है। महिला आरक्षण जैसे कदम राजनीतिक प्रतिनिधित्व को संतुलित करने के लिए बेहद जरूरी हैं। हालांकि, अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए समाजवादी पार्टी की विचारधारा और कार्यशैली को महिला विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दलों का इतिहास महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी से जुड़ा रहा है और आज भी उनके रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि महिलाओं के मुद्दों की अनदेखी करने वाले दलों को जनता समय आने पर जवाब देती है।

UP News: शाहबानो केस से सबक लेने की सलाह

सीएम योगी ने अपने संबोधन में कांग्रेस के अतीत का हवाला देते हुए शाहबानो केस का उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय राजनीतिक दबाव में लिए गए फैसलों ने महिलाओं के अधिकारों को कमजोर किया। उनका कहना था कि अगर उस मामले में न्याय के साथ खड़ा हुआ जाता, तो देश की राजनीति का परिदृश्य अलग हो सकता था। उन्होंने इसे कांग्रेस के पतन के प्रमुख कारणों में से एक बताया और विपक्ष को इससे सबक लेने की सलाह दी। इसके अलावा उन्होंने तीन तलाक कानून का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जब इस कुप्रथा को खत्म करने के लिए कानून लाया गया, तब भी विपक्ष ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों ने पहले ही इस प्रथा को समाप्त कर दिया था, लेकिन भारत में इसे खत्म करने के प्रयासों का राजनीतिक कारणों से विरोध हुआ। मुख्यमंत्री ने इसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़ा होना बताया।

पहले के समय में माफिया का बोलबाला

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि पहले के समय में अपराध और माफिया का बोलबाला था, और कई मामलों में महिलाओं को न्याय नहीं मिल पाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में अपराधियों के सामने झुकने की प्रवृत्ति देखने को मिलती थी। इस संदर्भ में उन्होंने उन घटनाओं का जिक्र किया, जिनमें महिलाओं को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ दल जाति और वर्ग के आधार पर समाज को बांटने की राजनीति करते हैं, जिससे महिलाओं, पिछड़ों और दलितों के वास्तविक मुद्दे पीछे छूट जाते हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर काम करते हुए सभी वर्गों को समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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