Home » राष्ट्रीय » पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले सुरक्षा कड़ी, क्यूआर कोड से होगी एंट्री

पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले सुरक्षा कड़ी, क्यूआर कोड से होगी एंट्री

Bengal Result:
Howrah: Electronic Voting Machines (EVMs) being brought to a strong room after voting for the West Bengal Assembly elections in Howrah on Thursday, April 30, 2026. (Photo: IANS)

Bengal Result: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की मतगणना को लेकर चुनाव आयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया है। चार मई को होने वाली मतगणना के दौरान किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के प्रवेश को रोकने के लिए नई तकनीक और बहुस्तरीय जांच प्रणाली लागू की गई है। इस बार काउंटिंग सेंटर में प्रवेश के लिए क्यूआर कोड आधारित सत्यापन अनिवार्य किया गया है।

तीन चरणों में होगी पहचान की जांच

चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार मतगणना स्थल पर प्रवेश के लिए तीन चरणों की पहचान प्रक्रिया से गुजरना होगा। पहले दो चरणों में पहचान पत्र की मैनुअल जांच की जाएगी, जबकि तीसरे और अंतिम चरण में क्यूआर कोड स्कैन किया जाएगा। क्यूआर कोड के सफल सत्यापन के बाद ही संबंधित व्यक्ति को काउंटिंग सेंटर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। यह व्यवस्था रिटर्निंग ऑफिसर, सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, मतगणना कर्मियों, उम्मीदवारों और चुनाव एजेंटों सभी पर लागू होगी।

Bengal Result: सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश

निर्वाचन आयोग ने जिला चुनाव अधिकारियों और रिटर्निंग ऑफिसरों को निर्देश दिया है कि काउंटिंग सेंटरों के प्रवेश द्वार पर प्रशिक्षित कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने बताया कि सुरक्षा को लेकर मिली शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण करेंगे और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा और बढ़ाई जाएगी।

स्ट्रॉन्ग रूम पर भी कड़ी निगरानी

मतगणना से पहले ईवीएम को सुरक्षित रखने के लिए स्ट्रॉन्ग रूम पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पहले से तैनात केंद्रीय बलों के अलावा अब अतिरिक्त बलों की तैनाती की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को पूरी तरह खत्म किया जा सके। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के हर पहलू पर लगातार नजर रखी जा रही है।

उल्लेखनीय है कि राज्य में हुए मतदान में भारी उत्साह देखने को मिला है। दूसरे चरण के मतदान में 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया, जिससे कुल मतदान प्रतिशत भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। अब सभी की नजर चार मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हुई है, जिसके लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है।