Ujjain News: मध्य प्रदेश के उज्जैन को हमेशा से चमत्कारों की नगरी माना जाता है। कहा जाता है कि यहां स्थित महाकालेश्वर मंदिर में बाबा महाकाल के दर्शन करने के बाद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। इसी बीच मंदिर के पास एक नया और बहुत प्राचीन माना जाने वाला शिवलिंग मिलने से लोगों के बीच उत्साह और आस्था और भी बढ़ गई है।
खुदाई के दौरान मिला शिवलिंग
दरअसल, सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के चलते मंदिर क्षेत्र में टनल बनाने का काम किया जा रहा था। इसके लिए जमीन की खुदाई चल रही थी। इसी दौरान जमीन के अंदर से एक बड़ा शिवलिंग मिला। फिलहाल यह जानने की कोशिश की जा रही है कि यह शिवलिंग कितने समय पुराना है और इसका ऐतिहासिक महत्व क्या है।
मंदिर के पुजारी आशीष शर्मा के अनुसार, मान्यता है कि भगवान शिव इस पवित्र भूमि के हर कण में निवास करते हैं। जब भगवान महादेव यहां प्रकट हुए थे, तब सभी देवी-देवता भी इस स्थान पर आए थे। समय के साथ परिस्थितियां बदलती रहीं और कई शिवलिंग जमीन के नीचे दब गए। अब इस नए मिले शिवलिंग की प्राचीनता का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
Ujjain News: भक्तों की उमड़ी भीड़
जैसे ही शिवलिंग मिलने की खबर फैली, वहां दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ जुटने लगी। लोग इस प्राचीन शिवलिंग के दर्शन कर भावुक हो रहे हैं और इसे भगवान का आशीर्वाद मान रहे हैं।
एक भक्त ने बताया कि जब भस्म आरती के समय खुदाई हो रही थी और उसी दिन बुद्ध पूर्णिमा भी थी, ऐसे शुभ मौके पर शिवलिंग का मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं है। उनका मानना है कि यह बाबा महाकाल की ही कृपा है कि उन्होंने इस खास दिन अपने दर्शन दिए।
जांच के लिए रोका गया काम
एक अन्य भक्त के अनुसार, शिवलिंग मिलने के बाद मंदिर समिति ने फिलहाल खुदाई का काम रोक दिया है। अब यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि शिवलिंग को किसी तरह का नुकसान तो नहीं पहुंचा है। साथ ही, इसकी उम्र और महत्व जानने के लिए आगे जांच की जाएगी।
भक्तों का कहना है कि बुद्ध पूर्णिमा जैसे पवित्र दिन पर शिवलिंग का इस तरह जमीन से निकलना महाकाल का चमत्कार है। उनके अनुसार, यह घटना इस बात का प्रमाण है कि उज्जैन में हर जगह भगवान शिव का वास है। हर-हर महादेव!
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