UP News: मेरठ-गाजियाबाद से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की टीम ने केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) के सूरजकुंड स्थित कार्यालय पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में अतिरिक्त निदेशक नताशा वर्मा के निजी चालक सनी को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

क्या है मामला?
CBI को शिकायत मिली थी कि CGHS के बिलों का भुगतान जारी कराने के नाम पर अस्पतालों से कमीशन वसूला जा रहा है। आरोप है कि प्रत्येक अस्पताल से 2% से लेकर 5% तक की रकम नकद ली जा रही थी। यह शिकायत डॉ. रविंद्र डागर, संतोष अस्पताल से जुड़े डॉक्टर द्वारा दर्ज कराई गई थी। गुरुवार शाम CBI की गाजियाबाद टीम दो वाहनों में सवार होकर CGHS कार्यालय पहुंची। टीम ने कार्यालय के सभी प्रवेश द्वारों को अपने नियंत्रण में लेकर तलाशी शुरू की। इस दौरान चालक सनी को रिश्वत लेते पकड़ा गया, अतिरिक्त निदेशक नताशा वर्मा को हिरासत में लिया गया, साथ ही कार्यालय के स्टाफ से भी पूछताछ की गई। CBI टीम नताशा वर्मा और उनके चालक को गंगानगर स्थित उनके आवास पर ले गई, जहां देर रात तक सर्च ऑपरेशन जारी रहा। बताया जा रहा है कि चालक सनी भी उसी आवास में रहता था।

UP News: दस्तावेजों की जांच
CBI ने नताशा वर्मा द्वारा साइन किए गए कई एमओयू (MOU) दस्तावेज भी जब्त किए हैं। जांच में यह देखा जा रहा है कि किन-किन अस्पतालों के साथ समझौते किए गए और भुगतान के बदले कितनी रकम ली गई। गौरतलब है कि करीब नौ महीने पहले भी CGHS कार्यालय से जुड़े अतिरिक्त निदेशक, कार्यालय अधीक्षक और एक निजी कर्मचारी को इसी तरह के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था।
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