Nitish Kumar: बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला, जब पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘1 अणे मार्ग’ को औपचारिक रूप से खाली कर दिया। लगभग दो दशकों तक सत्ता का केंद्र रहे इस आवास को छोड़ना एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर यह बदलाव और भी प्रतीकात्मक बन गया, जिसने इसे राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टियों से खास बना दिया।
दो दशकों का सफर समाप्त
नीतीश कुमार का ‘1 अणे मार्ग’ से गहरा संबंध रहा है। मुख्यमंत्री के रूप में उनके लंबे कार्यकाल के दौरान यह आवास सिर्फ एक निवास नहीं, बल्कि बिहार की सत्ता और प्रशासनिक फैसलों का मुख्य केंद्र रहा। यहीं से कई बड़े राजनीतिक निर्णय लिए गए और राज्य के विकास की योजनाएं तैयार की गईं। इस ऐतिहासिक आवास को खाली करना उनके राजनीतिक जीवन के एक अहम अध्याय के समापन का संकेत है।
Nitish Kumar: नए आवास में स्थानांतरण शुरू
नीतीश कुमार ने अपने नए आवास ‘7 सर्कुलर रोड’ में स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सुबह से ही ट्रक और अन्य वाहन उनके निजी सामान को ले जाने में जुटे रहे। फर्नीचर, दस्तावेज, किताबें और अन्य आवश्यक सामान को कड़ी प्रशासनिक निगरानी में सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित किया गया। यह पूरा स्थानांतरण व्यवस्थित और योजनाबद्ध तरीके से किया गया, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
सत्ता परिवर्तन के बाद तेज हुई प्रक्रिया
सम्राट चौधरी को राज्य की कमान सौंपे जाने के बाद से ही इस आवास को खाली करने की अटकलें लगाई जा रही थीं। राज्यसभा के लिए चुने जाने और सक्रिय रूप से राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखने के फैसले के बाद नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था। इसके बाद से ही उनके नए आवास में जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, जो अब पूरी हो रही है।
Nitish Kumar: नई राजनीतिक यात्रा की शुरुआत
‘7 सर्कुलर रोड’ में स्थानांतरण केवल एक भौतिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह नीतीश कुमार के राजनीतिक जीवन के नए चरण की शुरुआत का प्रतीक भी है। सूत्रों के अनुसार, देर शाम तक उनके नए आवास में पूरी तरह बसने की संभावना है। यह बदलाव आने वाले समय में उनकी नई भूमिका और राजनीतिक दिशा को भी दर्शाता है।
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