Bargi Accident: मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित बरगी बांध पर हुए क्रूज हादसे में मृतकों की तलाश लगातार जारी है। आज सुबह लगभग नौ बजकर चालीस मिनट पर कामराज आर. का शव बरामद किया गया। इससे पहले सुबह करीब छह बजे उनके आठ वर्षीय भतीजे मयूरन की भी डेडबॉडी मिली थी। मयूरन तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली से अपने परिवार के साथ आया था। इस दर्दनाक हादसे में अब तक कुल तेरह लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
बच्चों की पहचान और पिछले दिनों मिले शव
इससे पहले शनिवार शाम करीब छह बजे दो बच्चों के शव बरामद किए गए थे। इनमें एक बच्चे की पहचान श्रीतमिल, पिता कामराज, उम्र पांच वर्ष के रूप में हुई जबकि दूसरे की पहचान विराज, पिता कृष्ण सोनी, उम्र पांच वर्ष के रूप में की गई। इस हादसे में मृतकों में चार बच्चे और आठ महिलाएं शामिल हैं। लगातार शव मिलने से इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सुरक्षा को देखते हुए पूरे दिन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। राहत और बचाव दल लगातार नदी और आसपास के क्षेत्र में खोजबीन कर रहे हैं ताकि लापता लोगों का पता लगाया जा सके।

Bargi Accident: शवों को गृह राज्यों में भेजा गया
हादसे में जान गंवाने वाले तमिलनाडु के पर्यटकों के शव उनके गृह राज्य भेज दिए गए हैं। जबलपुर के डुमना हवाई अड्डे से कार्गो विमान के माध्यम से सभी शव तिरुचिरापल्ली रवाना किए गए। शुरुआत में तकनीकी समस्या के कारण विमान में दिक्कत आई थी, जिसके बाद दूसरे विमान का उपयोग किया गया। मृतकों के परिजन भी प्रशासन की सहायता से उनके साथ रवाना किए गए हैं। बाकी शवों को भी जल्द ही उनके संबंधित राज्यों में भेजने की प्रक्रिया जारी है।
हादसे की वजह को लेकर दावा
मध्य प्रदेश टूरिज्म के सलाहकार के अनुसार यह हादसा अचानक आए तेज हवा के भंवर और ऊंची लहरों के कारण हुआ। बताया गया कि तेज हवाओं से क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गया।
हालांकि इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि जब मौसम विभाग ने पहले ही यलो अलर्ट जारी कर दिया था, तो फिर क्रूज संचालन क्यों नहीं रोका गया। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं है कि खराब मौसम के दौरान कोई रियल टाइम चेतावनी या निगरानी व्यवस्था मौजूद थी या नहीं।

तीन दिनों का पूरा घटनाक्रम
तीस अप्रैल को शाम पांच बजकर तीस मिनट पर सभी यात्री क्रूज पर सवार हुए थे। लगभग छह बजकर दस मिनट पर क्रूज में पानी भरने लगा और वह डूब गया। कुछ ही देर में चौदह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। सात बजे के आसपास राहत दल ने सात लोगों को बचाया और रात में कई शव बरामद किए गए। तेज बारिश और हवा के कारण कई बार राहत कार्य रोकना पड़ा।
पहले मई को सुबह के समय राहत कार्य तेज किया गया। कई शव बरामद हुए और कई बार क्रेन और मशीनों से क्रूज को बाहर निकालने की कोशिश की गई लेकिन शुरुआत में सफलता नहीं मिली। सुबह के समय गोताखोरों की टीम भी मौके पर पहुंची और लगातार तलाशी अभियान चलाया गया।

दो मई को सेना, आपदा राहत बल और राज्य आपदा मोचन बल की टीमों ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पूरे दिन मौसम खराब रहने के कारण कई बार अभियान बाधित हुआ। तेज हवा और बारिश के बावजूद तलाशी का दायरा बढ़ाया गया और शाम तक दो बच्चों के शव बरामद किए गए।
बरगी बांध का यह क्रूज हादसा अब भी कई सवाल छोड़ गया है। लगातार हो रही मौतों और लापता लोगों की तलाश के बीच प्रशासनिक लापरवाही और मौसम चेतावनी के बावजूद संचालन जारी रहने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। राहत कार्य जारी है और पूरे मामले की जांच की मांग भी तेज हो रही है।
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