BRICS: मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान दिलाने वाली अहम सौगात मिली है। यहां ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्रियों का पांच दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक से पहले इस महत्वपूर्ण आयोजन की जानकारी देते हुए इसे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया। यह सम्मेलन 9 जून से 13 जून तक आयोजित होगा, जिसमें दुनिया के कई प्रमुख देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर इंदौर की मजबूत पहचान
इंदौर में होने वाला यह सम्मेलन भारत की वैश्विक भूमिका को और मजबूत करेगा। ब्रिक्स समूह विश्व की उभरती अर्थव्यवस्थाओं का प्रमुख मंच है, जिसमें आर्थिक सहयोग, व्यापार और वैश्विक मुद्दों पर संवाद को बढ़ावा दिया जाता है। इस सम्मेलन के माध्यम से इंदौर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी और प्रदेश की छवि भी मजबूत होगी। राज्य सरकार इस आयोजन को गरिमा और भव्यता के साथ संपन्न कराने की तैयारी में जुट गई है।
BRICS: 21 देशों के प्रतिनिधि करेंगे सहभागिता
इस सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों के अलावा कई अन्य देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ युगांडा, मिस्र, सऊदी अरब, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, कोलंबिया और इंडोनेशिया जैसे देशों के प्रतिनिधि इसमें भाग लेंगे। इसके अलावा कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और नीति निर्धारक भी इस मंच पर विचार-विमर्श करेंगे। इससे कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं और तकनीकों पर चर्चा होगी।
शिवराज और मोहन यादव की पहल रंग लाई
इस महत्वपूर्ण आयोजन को इंदौर तक लाने में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। दिल्ली में हुई चर्चा के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर का नाम प्रस्तावित किया और इसके बाद दोनों नेताओं ने इस दिशा में सक्रिय प्रयास किए। उनके संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप केंद्र सरकार ने इंदौर को इस सम्मेलन की मेजबानी के लिए मंजूरी दे दी।
BRICS: राज्य सरकार की तैयारियां और जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पांच दिवसीय सम्मेलन का सफल आयोजन राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर की हों और मेहमानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस आयोजन से प्रदेश में निवेश, पर्यटन और कृषि क्षेत्र में नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही, यह सम्मेलन मध्य प्रदेश को वैश्विक मंच पर और अधिक मजबूती से स्थापित करने का काम करेगा।








