Us-iran conflict: ईरान और अमेरिका के बीच कहने को तो सीजफायर है, लेकिन होर्मुज को लेकर दोनों देशों का तनाव कम नहीं हो पा रहा है, बल्कि दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। इस बीच अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को निकालने के लिए तथाकथित अभियान शुरू करने पर जोर देने के बाद ईरान और अमेरिका के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है।
ईरान ने गोलियां चलाकर दी चेतावनी
ईरानी सेना ने 4 मई को एक बयान जारी कर कहा कि उस दिन एक अमेरिकी विध्वंसक पोत ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास आने का प्रयास किया और शुरुआती चेतावनियों को नजरअंदाज करने के बाद, ईरानी नौसेना ने दुश्मन पोत के पास चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं।
उसी दिन अमेरिकी सेना ने बताया कि फंसे जहाजों को निकालने के लिए अभियान के पहले चरण के रूप में, अमेरिकी ध्वज वाले दो व्यापारिक जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर गए थे।
उसी दिन अमेरिकी सेना ने बताया कि फंसे जहाजों को निकालने के लिए अभियान के पहले चरण के रूप में, अमेरिकी ध्वज वाले दो व्यापारिक जहाज सफलतापूर्वक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर गए थे।
Us-iran conflict: युद्ध का खतरा क्यों?
गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता में 8 अप्रैल से दो सप्ताह के लिए सीजफायर (युद्धविराम) घोषित किया गया था, लेकिन लेकिन इस सीजफायर के टूटने की शुरू से आशंकाएं व्यक्त की जा रही थी। आज भी स्थिति बेहद नाजुक है। होर्मुज के मुद्दे पर अमेरिका और ईरान दोनों ही अपने -अपने रुख पर अड़ेहुए हैं। ऐसी स्थिति में फिर से युद्ध कीआशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। इस बीच ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर ड्रोन हमले किए हैं और अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी जहाजों की नाकेबंदी की है, जिससे फिर से बड़े युद्ध का खतरा पैदा हो गया है।








