CM Dhami: उत्तराखंड में विकास कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अहम कदम उठाया है। उन्होंने चम्पावत, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिलों में विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए कुल 4.42 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं, ताकि आम जनता को इन योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
चम्पावत में मंदिर सौंदर्यीकरण और यात्रा मार्ग पर रोशनी
मुख्यमंत्री ने चम्पावत जिले के लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र में भिंगराड़ा मंदिर सील के सौंदर्यीकरण कार्य के लिए शेष 29.70 लाख रुपये की मंजूरी दी है। इसके साथ ही टनकपुर से मां पूर्णागिरी धाम तक यात्रा मार्ग पर स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए स्वीकृत राशि में से 2 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इन कार्यों से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा में भी सुधार होगा।
CM Dhami: उत्तरकाशी में मंदिर प्रांगण के विकास को बल
उत्तरकाशी जिले के पुरोला विधानसभा क्षेत्र में स्थित श्री सोमेश्वर महादेव मंदिर प्रांगण के समतलीकरण और सौंदर्यीकरण कार्य के लिए भी धनराशि स्वीकृत की गई है। इस परियोजना के तहत पूर्व में जारी 10 लाख रुपये के अलावा अब शेष राशि का 60 प्रतिशत यानी 80.06 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इससे मंदिर परिसर का विकास होगा और स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
पिथौरागढ़ में नदी पुनर्जीवन योजना को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ जिले में ‘एक जनपद-एक नदी’ योजना के तहत गुरघटिया नदी के पुनर्जीवन के लिए भी वित्तीय स्वीकृति दी है। कुल 6.59 करोड़ रुपये की योजना में से प्रथम चरण के लिए 40 प्रतिशत यानी 1.32 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस योजना का उद्देश्य नदी के संरक्षण, जल स्तर सुधार और पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना है।
CM Dhami: गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध कार्यों पर जोर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचे, इसके लिए पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना जरूरी है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाना और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है। इन योजनाओं के माध्यम से राज्य में धार्मिक, पर्यावरणीय और आधारभूत ढांचे के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।








