Iran crisis: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर ईरान तय शर्तों को मान लेता है तो हालात संभल सकते हैं, लेकिन इनकार की स्थिति में पहले से कहीं ज्यादा तेज और बड़े पैमाने पर हमले किए जाएंगे। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि अगर समझौता हो जाता है, तो मौजूदा टकराव खत्म हो सकता है और होर्मुज जलडमरूमध्य सभी देशों के लिए खुला रहेगा। लेकिन अगर बात नहीं बनी, तो “बमबारी पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक स्तर पर होगी।”
होर्मुज को लेकर पहले भी दे चुके हैं बड़ा संकेत
इससे पहले ट्रंप ने संकेत दिया था कि दोनों देशों के बीच एक व्यापक समझौते की दिशा में बातचीत आगे बढ़ रही है। इसी वजह से ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था, जिसके तहत Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही सुनिश्चित की जा रही थी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह प्रस्तावित समझौता आखिरकार साइन होता है या नहीं।
Iran crisis: “हमले हुए तो जवाब भी होगा”: ट्रंप
ट्रंप पहले भी ईरान को चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अगर ईरान ने अमेरिकी सुरक्षा में चल रहे जहाजों पर हमला किया, तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा। यह बयान उस वक्त आया था जब कुछ जहाजों पर हमले के आरोप ईरान पर लगाए गए थे।
Iran crisis: ईरान पर गंभीर आरोप, सैन्य ताकत का भी जिक्र
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने कई जहाजों को निशाना बनाया, जिनमें एक दक्षिण कोरियाई मालवाहक जहाज भी शामिल है। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी से शुरू हुए तनाव के बाद होर्मुज में यातायात काफी हद तक प्रभावित हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी सेना ने हाल ही में सात छोटी नौकाओं को निशाना बनाया है और क्षेत्र में अपनी मौजूदगी लगातार मजबूत कर रही है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अमेरिका के पास अत्याधुनिक हथियार और दुनिया भर में फैले सैन्य ठिकाने हैं, जिनका जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जाएगा।
क्या बढ़ेगा टकराव या होगा समझौता?
Iran crisis: फिलहाल हालात बेहद नाजुक हैं। एक तरफ बातचीत की उम्मीद है, तो दूसरी ओर लगातार मिल रही धमकियां स्थिति को और भड़का सकती हैं। अब सबकी नजर इस पर है कि ईरान क्या फैसला लेता है, समझौता या टकराव।
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