TVK Government: तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ होता नजर आ रहा है। उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) को वामपंथी दल CPI और CPI(M) ने समर्थन देने की घोषणा कर दी है। इसके अलावा विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK) के भी समर्थन देने की खबरें हैं।
विधानसभा चुनाव में TVK ने 108 सीटें जीती थीं। हालांकि विजय दो सीटों से जीते हैं, इसलिए एक सीट छोड़ने के बाद पार्टी की संख्या 107 रह जाएगी। कांग्रेस के 5 विधायकों के समर्थन के बाद अब CPI, CPI(M) और VCK के कुल 6 विधायकों का साथ मिलने से TVK बहुमत के आंकड़े 118 तक पहुंचती दिख रही है।
राज्यपाल से तीसरी मुलाकात आज
सूत्रों के मुताबिक, विजय शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मिलने का समय मांग चुके हैं। इससे पहले 6 मई को उन्होंने सरकार बनाने का दावा पेश किया था, लेकिन तब उनके पास 113 विधायकों का समर्थन था। राज्यपाल ने स्पष्ट कहा था कि 118 विधायकों का समर्थन दिखाने के बाद ही सरकार गठन का न्योता दिया जाएगा।
TVK Government: लोकभवन के बाहर प्रदर्शन
सरकार गठन में देरी की अटकलों के बीच TVK समर्थकों ने शुक्रवार सुबह लोकभवन के बाहर प्रदर्शन किया और नारेबाजी की। पुलिस ने कई समर्थकों को हिरासत में भी लिया। TVK ने चेतावनी दी है कि अगर DMK और AIADMK मिलकर सरकार बनाने की कोशिश करते हैं, तो उनके सभी विधायक इस्तीफा दे देंगे।
TVK Government: स्टालिन ने जल्द सरकार गठन की मांग की
कार्यवाहक मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्यपाल से नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि विधानसभा भंग हो चुकी है, इसलिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए।
लेफ्ट बाहर से देगा समर्थन
CPI(M) ने साफ किया है कि वह विजय सरकार को बाहर से समर्थन देगी और कैबिनेट में शामिल नहीं होगी। हालांकि सूत्रों का दावा है कि सहयोगी दलों को मंत्री पद देने पर भी चर्चा चल रही है। बताया जा रहा है कि VCK को एक और लेफ्ट पार्टियों को दो मंत्री पद मिल सकते हैं।
DMK-कांग्रेस रिश्तों में दूरी
तमिलनाडु में कांग्रेस से गठबंधन टूटने के बाद DMK ने लोकसभा में अपने सांसदों की सीट बदलने की मांग की है। पार्टी सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा कि अब कांग्रेस के साथ बैठना उचित नहीं होगा।
खबर इण्डिया आउटलुक
तमिलनाडु की राजनीति में TVK की एंट्री ने बड़ा बदलाव ला दिया है। 59 साल बाद राज्य में DMK या AIADMK के बिना सरकार बनने की संभावना ने राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल दिए हैं।
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