Yogi: ईरान-इजराइल युद्ध के चलते पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर अब राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने मंगलवार को कई बड़े फैसले लेते हुए सरकारी कामकाज में खर्च और ईंधन की खपत कम करने की दिशा में अहम कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर निर्देश दिए कि केंद्र सरकार की अपील को केवल कागजों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उसे जमीन पर पूरी गंभीरता के साथ लागू किया जाए।
वीआईपी काफिलों में कटौती का फैसला
योगी सरकार ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के काफिलों में तत्काल प्रभाव से 50 प्रतिशत वाहन कम करने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि इससे ईंधन की बचत होगी और अनावश्यक खर्च पर भी रोक लगेगी। इसके साथ ही मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की सलाह दी गई है। मुख्यमंत्री ने सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” मनाने की अपील भी की है।
Yogi: ऑनलाइन बैठकों को बढ़ावा
सरकार ने यह भी तय किया है कि अधिकतर सरकारी बैठकें, सेमिनार, कार्यशालाएं और सम्मेलन अब वर्चुअल माध्यम से आयोजित किए जाएंगे। राज्य सचिवालय की लगभग 50 प्रतिशत बैठकों को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे समय, संसाधन और ईंधन तीनों की बचत होगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अनावश्यक यात्रा से बचते हुए डिजिटल माध्यमों का अधिक उपयोग किया जाए।
पीएम मोदी की अपील का असर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 और 11 मई को सार्वजनिक मंचों से देशवासियों से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के संयमित उपयोग की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि वैश्विक हालात के कारण तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है और भारत जैसे देश को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने लोगों से मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ाने, वर्क फ्रॉम होम को अपनाने और गैरजरूरी विदेश यात्राओं से बचने की भी बात कही थी।
Yogi: ऊर्जा बचत को लेकर नई रणनीति
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठक में सभी प्रमुख विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रधान सचिव मौजूद रहे। बैठक में ऊर्जा बचत, प्रशासनिक खर्च में कटौती और संसाधनों के बेहतर उपयोग को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण और आर्थिक अनुशासन बेहद जरूरी है। ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार अब प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव लागू कर रही है, ताकि ऊर्जा संकट के प्रभाव को कम किया जा सके।








