Bengal: पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल में बदलाव की तस्वीरें सामने आने लगी हैं। आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर मामले की पीड़िता की मां और भाजपा विधायक रत्ना देबनाथ ने दावा किया है कि राज्य सचिवालय ‘नबन्ना’ में उन्हें पहली बार सम्मान मिला। उन्होंने इसे अपनी बेटी के लिए न्याय की लड़ाई में एक बड़ी नैतिक जीत बताया। रत्ना देबनाथ ने कहा कि पहले जहां उन्हें सचिवालय तक पहुंचने से रोका गया था, वहीं अब पुलिसकर्मियों ने उनका सम्मान किया और उन्हें सलाम तक किया।
नबन्ना में मिला सम्मान, भावुक हुईं रत्ना देबनाथ
रत्ना देबनाथ ने बताया कि जब वह नबन्ना पहुंचीं तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और आशीर्वाद लेने के लिए उनके पैर भी छुए। भाजपा विधायक ने इसे बदलते राजनीतिक माहौल का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान नौ अगस्त 2025 को हुए ‘नबन्ना अभियान’ में उन्हें सचिवालय तक पहुंचने नहीं दिया गया था और पुलिस की सख्ती का सामना करना पड़ा था। अब वही स्थान उनके लिए सम्मान का प्रतीक बन गया है।
Bengal: बेटी को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी
भाजपा विधायक ने साफ कहा कि वह अपनी बेटी को न्याय दिलाए बिना पीछे नहीं हटेंगी। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिली तो देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ते रहेंगे। रत्ना देबनाथ ने आरोप लगाया कि इस मामले में प्रभावशाली लोगों की भूमिका होने के कारण जांच प्रभावित हुई। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई सरकार में निष्पक्ष कार्रवाई होगी और दोषियों को सजा मिलेगी। उनके अनुसार, सख्त सजा से समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर मजबूत संदेश जाएगा।
हाईकोर्ट की बेंच ने सुनवाई से किया खुद को अलग
इस बीच, कलकत्ता हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई कर रही जस्टिस राजशेखर मंथा की बेंच ने खुद को इस केस से अलग कर लिया है। अदालत ने कहा कि मामलों का बोझ अधिक होने के कारण इस मामले को ऐसी बेंच के पास भेजा जाना चाहिए जो पर्याप्त समय दे सके। अदालत ने यह भी सुझाव दिया कि राज्य सरकार इस मामले की जांच के लिए न्यायिक आयोग गठित कर सकती है। इस फैसले के बाद मामले को लेकर नई राजनीतिक और कानूनी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
Bengal: आयोग गठन पर सरकार से होगी चर्चा
अदालत की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए रत्ना देबनाथ ने कहा कि सरकार की ओर से आयोग गठित करने का प्रस्ताव सामने आया है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की जाएगी और जल्द निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता केवल एक है- बेटी को न्याय दिलाना। भाजपा सरकार बनने के बाद उन्हें उम्मीद जगी है कि अब पीड़ित परिवार की आवाज सुनी जाएगी और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई होगी।
ये भी पढ़ें…निजी स्कूलों को सम्राट चौधरी की सख्त चेतावनी, फीस की जानकारी करनी होगी सार्वजनिक








