Mohan Yadav: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत संबंधी अपील का असर अब राज्यों में भी दिखाई देने लगा है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की कि अगले आदेश तक उनके काफिले में वाहनों की संख्या न्यूनतम रखी जाएगी और उनके दौरों के दौरान किसी प्रकार की वाहन रैली नहीं निकाली जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह कदम वैश्विक ऊर्जा संकट और ईंधन बचत को ध्यान में रखते हुए उठाया है।
मंत्रियों और नेताओं को भी सादगी अपनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों, भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी सादगी अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सभी मंत्री अपने दौरों के दौरान कम से कम वाहनों का उपयोग करें। साथ ही नव नियुक्त निगम और बोर्ड अधिकारियों को भी सादगी के साथ कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखते हुए सभी को ईंधन बचत के प्रयासों में सहयोग करना चाहिए।
Mohan Yadav: काफिले को लेकर हुई थी आलोचना
मुख्यमंत्री की यह घोषणा ऐसे समय आई है, जब पाठ्यपुस्तक निगम के नव नियुक्त अध्यक्ष सौभाग्य सिंह ठाकुर उज्जैन में 200 से अधिक वाहनों के काफिले के साथ पहुंचे थे। इस घटना को लेकर विपक्ष और आम लोगों ने सवाल उठाए थे। आलोचकों का कहना था कि जब प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री खुद ईंधन बचाने की अपील कर रहे हैं, तब इतने बड़े काफिले विरोधाभासी संदेश देते हैं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने तुरंत सख्त रुख अपनाते हुए काफिलों को सीमित करने का फैसला लिया।
सार्वजनिक परिवहन और सौर ऊर्जा पर जोर
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जनता से सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों से डीजल पंपों की जगह सौर ऊर्जा पंप अपनाने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही है। साथ ही नागरिकों से रेल परिवहन का अधिक उपयोग करने, अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने, घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने और सोने की खरीद सीमित करने का भी आग्रह किया गया है। सरकार का मानना है कि इन कदमों से ईंधन की बचत के साथ आर्थिक संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
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