INDIAN ARMY NEWS: देश की सुरक्षा को और मजबूती देने के लिए भारतीय सेना व भारतीय नौसेना ने ‘मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन ऑन अफिलिएशन’ को मंजूरी दी है। गुरुवार 14 मई को दोनों सेनाओं के बीच ‘संबद्धता समझौता ज्ञापन’ पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य थलसेना और नौसेना के बीच बेहतर तालमेल, आपसी समझ और संयुक्त कार्यप्रणाली को बढ़ावा देना है। भविष्य के बदलते युद्ध स्वरूप को देखते हुए आर्मी और नौसेना के बीच हुआ यह समझौता काफी अहम माना जा रहा है।
आधुनिक युद्ध के लिए संयुक्त क्षमता पर जोर
यह समझौता भविष्य के बदलते युद्ध स्वरूप को देखते हुए बेहद अहम माना जा रहा है। इसका लक्ष्य आधुनिक, एकीकृत और बहु-आयामी सैन्य क्षमता विकसित करना है, ताकि किसी भी चुनौती का जवाब तेज और प्रभावी तरीके से दिया जा सके।
INDIAN ARMY NEWS: संयुक्तता और तालमेल को बढ़ावा
इस समझौते के तहत दोनों सेनाओं के बीच संस्थागत सहयोग को औपचारिक रूप दिया जाएगा। इससे रेजीमेंटों, संस्थानों, युद्धपोतों और सैन्य इकाइयों के बीच आपसी समझ और परिचालन समन्वय मजबूत होगा।
प्रशिक्षण और आदान-प्रदान बढ़ेगा
सेना और नौसेना के अधिकारियों और जवानों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली, प्रशिक्षण और संचालन प्रणाली को समझने का अवसर मिलेगा। संयुक्त प्रशिक्षण, पेशेवर आदान-प्रदान और परिचयात्मक दौरों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
INDIAN ARMY NEWS: शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी
इस समझौते पर सेना की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल वीपीएस कौशिक और नौसेना की ओर से वाइस एडमिरल गुरचरण सिंह ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
भविष्य की सुरक्षा रणनीति
क्षा मंत्री राजनाथ सिंह कई मौकों पर कह चुके हैं कि वर्तमान समय में सुरक्षा वातावरण लगातार जटिल बना हुआ है और तेजी से बदल रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा अब केवल देश की सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के समुद्री और आर्थिक हितों की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है। भारतीय नौसेना देश के समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने, समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित रखने और निर्बाध व्यापार संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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