UP News: उत्तर प्रदेश में अपराध और माफिया के खिलाफ चल रही योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत एक और बड़ी कार्रवाई सामने आई है। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के शिक्षक राव दानिश अली हत्याकांड का मुख्य आरोपी जुबैर बुधवार तड़के मेरठ में STF के साथ मुठभेड़ में मारा गया। STF के अनुसार, बदमाश जुबैर मेरठ में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था और एक बंद फैक्ट्री में छिपा हुआ था। सूचना मिलते ही STF ने उसे घेर लिया। खुद को घिरता देख जुबैर ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी। घायल अवस्था में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
दोनों तरफ से कुल 36 राउंड फायरिंग
STF एसपी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि मुठभेड़ मेरठ के अलीपुर थाना क्षेत्र में हुई। दोनों तरफ से कुल 36 राउंड फायरिंग हुई, जिसमें जुबैर ने करीब 20 राउंड गोलियां चलाईं। उसके पास से दो पिस्टल, जिंदा कारतूस और एक बाइक बरामद की गई। मुख्यमंत्री योगी लगातार कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाने की बात कहते रहे हैं। सरकार का दावा है कि प्रदेश में अपराधियों, गैंगस्टरों और माफिया नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जुबैर पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। STF की यह कार्रवाई योगी सरकार की उसी नीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई और गैंग नेटवर्क को खत्म करने पर जोर दिया जा रहा है।

UP News: AMU शिक्षक हत्याकांड से जुड़ा था जुबैर
STF के मुताबिक, जुबैर ने 24 दिसंबर 2025 को साथियों के साथ मिलकर AMU के कंप्यूटर शिक्षक राव दानिश अली की गोली मारकर हत्या की थी। घटना उस समय हुई थी जब दानिश अली कैनेडी हॉल पार्क से लौट रहे थे। मौलाना आजाद लाइब्रेरी कैंटीन के पास नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें रोककर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं। जांच में सामने आया था कि जुबैर को शक था कि दानिश अली ने उसके खिलाफ पुलिस को सूचना दी थी। इसी रंजिश में हत्या की साजिश रची गई थी।
अपराध की दुनिया में 2015 से था सक्रिय
अलीगढ़ के नौशा गांव का रहने वाला जुबैर दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में रह रहा था। उसने 2015 में अपराध की दुनिया में कदम रखा और बाद में मुनीर गैंग से जुड़ गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ हत्या, लूट और हथियार तस्करी समेत 24 मुकदमे दर्ज थे। प्रदेश में STF और पुलिस की लगातार कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज होती रही है। हालांकि सरकार का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के जारी रहेगी और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
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