New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील का असर अब सरकारी अधिकारियों के बीच भी दिखाई देने लगा है। दिल्ली के आयकर भवन में तैनात जीएसटी विभाग के डिप्टी कमिश्नर नरेंद्र यादव ने इस संदेश को अपनाते हुए अपनी लग्ज़री कार छोड़ दी है और अब वे रोज साइकिल से दफ्तर पहुंच रहे हैं।
नरेंद्र यादव का कहना है कि देश इस समय वैश्विक चुनौतियों और ईंधन संकट जैसी परिस्थितियों का सामना कर रहा है। ऐसे समय में हर नागरिक की जिम्मेदारी बनती है कि वह देशहित में छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने आईएएनएस से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
जन आंदोलन बन सकती है यह पहल
नरेंद्र यादव ने कहा कि अगर देश के लोग धीरे-धीरे इस तरह की पहल से जुड़ते हैं, तो यह आगे चलकर एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। नरेंद्र यादव ने कहा कि भले ही विपक्ष इस मुद्दे पर सवाल उठा रहा हो, लेकिन देश का युवा वर्ग आज भी प्रधानमंत्री के संदेश के साथ मजबूती से खड़ा दिखाई देता है।
फिट इंडिया मूवमेंट से जुड़े नरेंद्र यादव लोगों को फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली के लिए भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि साइकिल चलाना न केवल ईंधन बचाने का माध्यम है बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है। उनका कहना है कि घर के आसपास जाने या बाजार तक पहुंचने के लिए लोग आसानी से साइकिल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
फिट इंडिया मूवमेंट से जुड़े नरेंद्र यादव लोगों को फिटनेस और स्वस्थ जीवनशैली के लिए भी प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि साइकिल चलाना न केवल ईंधन बचाने का माध्यम है बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद है। उनका कहना है कि घर के आसपास जाने या बाजार तक पहुंचने के लिए लोग आसानी से साइकिल का इस्तेमाल कर सकते हैं।
New Delhi देशहित में पीएम की अपील
उन्होंने युवाओं से खास अपील करते हुए कहा कि विकसित भारत का सपना युवाओं के कंधों पर ही पूरा होगा। साइकिल युवाओं को फिट और सक्रिय बनाए रखने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जो भी फैसले और अपील कर रहे हैं, वह देशहित में हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया में ईंधन की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है और ऐसे समय में हर नागरिक को यह सोचना चाहिए कि वह देश के लिए क्या योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी कोशिशें ही मिलकर बड़े बदलाव लाती हैं और उनका असर भी बहुत बड़ा होता है।
उन्होंने कहा कि दुनिया में ईंधन की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है और ऐसे समय में हर नागरिक को यह सोचना चाहिए कि वह देश के लिए क्या योगदान दे सकता है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी कोशिशें ही मिलकर बड़े बदलाव लाती हैं और उनका असर भी बहुत बड़ा होता है।







