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नीट-यूजी पेपर लीक मामले में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, एक महिला गिरफ्तार

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Neet: देशभर में चर्चा का विषय बने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। बुधवार को सीबीआई ने महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया, जबकि पुणे से एक महिला को भी पूछताछ के लिए अपने कब्जे में लिया गया। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की परत-दर-परत जांच कर रही है, जिसमें कई राज्यों तक फैले कनेक्शन सामने आने की आशंका जताई जा रही है।

अहिल्यानगर में संदिग्धों से गहन पूछताछ

अधिकारियों के अनुसार, सीबीआई की टीम पिछले दो दिनों से अहिल्यानगर में डेरा डाले हुए है। हिरासत में लिए गए तीनों संदिग्धों से पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लगातार पूछताछ की जा रही है। सूत्रों का दावा है कि इन संदिग्धों में आरोपी धनंजय लोखंडे भी शामिल हो सकता है, जिसका नाम पहले भी जांच के दौरान सामने आ चुका है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि लीक हुए प्रश्न पत्र को अलग-अलग राज्यों तक पहुंचाने और फैलाने में इन लोगों की क्या भूमिका रही। अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार बड़े संगठित नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं।

Neet: शुभम खैरनार की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी जांच

सीबीआई की मौजूदा कार्रवाई को आरोपी शुभम खैरनार के कथित खुलासों से जोड़कर देखा जा रहा है। खैरनार को पहले नासिक से गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि वह कथित तौर पर लीक हुए पेपर को हासिल करने और उसे विभिन्न राज्यों में पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहा था। मुंबई की किला कोर्ट ने खैरनार को दो दिन की सीबीआई ट्रांजिट रिमांड पर भेजा है। अब एजेंसी उसे दिल्ली की अदालत में पेश करेगी, जहां आगे की पूछताछ और रिमांड की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

पुणे से महिला हिरासत में, भूमिका की जांच जारी

इस मामले में पुणे से हिरासत में ली गई महिला को लेकर भी जांच एजेंसियां सतर्क हैं। पुणे पुलिस आयुक्त अमितेश कुमार ने पुष्टि की कि महिला को बिबवेवाड़ी इलाके से हिरासत में लिया गया था। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे आगे की जांच के लिए सीबीआई को सौंप दिया गया। हालांकि अधिकारियों ने महिला की भूमिका को लेकर अधिक जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि वह कथित पेपर लीक नेटवर्क से जुड़ी अहम कड़ी हो सकती है।

Neet: 22 लाख छात्रों की परीक्षा रद्द होने से बढ़ा दबाव

नीट-यूजी 2026 परीक्षा को लेकर विवाद तब बढ़ गया था, जब परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्न पत्र लीक होने के आरोप सामने आए। इसके बाद 3 मई को आयोजित परीक्षा को रद्द करना पड़ा। इस परीक्षा में देशभर से 22 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए थे। अब सीबीआई इस पूरे मामले में बिचौलियों, वितरकों और लाभार्थियों के बड़े नेटवर्क की जांच कर रही है। एजेंसी का फोकस यह जानने पर है कि पेपर लीक की साजिश किस स्तर पर रची गई और इसमें किन-किन लोगों की संलिप्तता रही।

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