Monthly Shivratri: भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा को समर्पित मासिक शिवरात्रि का पर्व हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। ज्येष्ठ माह की मासिक शिवरात्रि इस बार शुक्रवार को पड़ रही है, जिसे बेहद शुभ माना जा रहा है। इस दिन भक्त शिव-शक्ति की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।
पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि सुबह 8 बजकर 31 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू होगी, जो अगले दिन 16 मई की सुबह 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। इसी चतुर्दशी तिथि में मासिक शिवरात्रि का व्रत और पूजा की जाएगी।
पूजा का विशेष महत्व
इस खास अवसर पर शिवलिंग का अभिषेक करना, रुद्राभिषेक, बेलपत्र अर्पित करना, धूप-दीप जलाना और मंत्रों का जाप करना बहुत शुभ माना जाता है। भक्त घरों और मंदिरों में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई उपासना जीवन की परेशानियों को दूर करती है और व्यक्ति को सौभाग्य, अच्छा स्वास्थ्य और मानसिक शांति देती है।
धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक जिन लोगों के विवाह में रुकावटें आ रही हों, उनके लिए भी मासिक शिवरात्रि का व्रत लाभकारी माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिन शिव-पार्वती की पूजा करने से मनचाहा जीवनसाथी मिलने की कामना पूरी हो सकती है।

Monthly Shivratri: शुक्रवार को बन रहे हैं कई शुभ योग
शुक्रवार को कई शुभ योग भी बन रहे हैं। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 5 बजकर 30 मिनट से रात 8 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 50 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। यह समय किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अच्छा माना जाता है।
इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 7 मिनट से 4 बजकर 49 मिनट तक रहेगा। अमृत काल दोपहर 1 बजकर 44 मिनट से 3 बजकर 11 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 33 मिनट से 3 बजकर 28 मिनट तक और गोधूलि मुहूर्त शाम 7 बजकर 3 मिनट से 7 बजकर 24 मिनट तक रहेगा।
सूर्योदय, नक्षत्र और योग का समय
मासिक शिवरात्रि के दिन सूर्योदय सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 5 मिनट पर होगा। अश्विनी नक्षत्र रात 8 बजे तक रहेगा। करण वणिज सुबह 8 बजकर 31 मिनट तक रहेगा, जबकि आयुष्मान योग दोपहर 2 बजकर 21 मिनट तक रहेगा।
राहुकाल और भद्रा में शुभ कार्यों से बचने की सलाह
अगर अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल सुबह 10 बजकर 36 मिनट से दोपहर 12 बजकर 18 मिनट तक रहेगा। यमगंड दोपहर 3 बजकर 41 मिनट से शाम 5 बजकर 23 मिनट तक रहेगा। वहीं भद्रा सुबह 8 बजकर 31 मिनट से शाम 6 बजकर 54 मिनट तक रहेगी। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दौरान नए काम शुरू करने और बड़े फैसले लेने से बचना चाहिए।
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