Bhajanlal: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को ईंधन संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जयपुर से बागरू के ठिकरिया गांव तक इलेक्ट्रिक बस से यात्रा की। मुख्यमंत्री ने यहां आयोजित ‘ग्राम विकास चौपाल’ कार्यक्रम में भाग लेकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और सरकार की योजनाओं पर फीडबैक लिया। मुख्यमंत्री की यह यात्रा प्रशासनिक पहल के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता का प्रतीक भी बन गई।
ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल और डीजल बचाने की अपील के अनुरूप मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इलेक्ट्रिक बस से यात्रा कर लोगों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री के साथ पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल, मंजू राजपाल, सिद्धार्थ महाजन और जितेंद्र सोनी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि डीजल और पेट्रोल की बचत आज की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन के अधिक उपयोग की अपील करते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य तैयार किया जा सकता है।
Bhajanlal: ग्राम विकास चौपाल में ग्रामीणों से संवाद
ठिकरिया गांव पहुंचकर मुख्यमंत्री ने महिलाओं, युवाओं और किसानों से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा की। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार ने पेपर लीक जैसी घटनाओं पर नियंत्रण पाया है और मेहनत तथा योग्यता के आधार पर युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब किसानों के बेटे भी राजस्थान प्रशासनिक सेवा जैसी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से निरंतर मेहनत करने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।
महिलाओं और किसानों के लिए सरकार का संदेश
महिला स्वयं सहायता समूहों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने ‘लखपति दीदी’ योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस योजना से महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री ने महिला समूहों की भूमिका को गांवों के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि डीएपी और यूरिया जैसे रासायनिक उर्वरकों का कम उपयोग करने से खेती की लागत घटेगी और मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहेगी। मुख्यमंत्री की इलेक्ट्रिक बस यात्रा और गांव में सीधा संवाद राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना रहा।








