Cockroach Janta Party: जस्टिस सूर्यकांत के कथित ‘कॉकरोच’ बयान के विरोध में शुरू हुई ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। महज 6 दिनों में इस ऑनलाइन अभियान के इंस्टाग्राम पर 1.1 करोड़ से ज्यादा फॉलोअर्स हो चुके हैं, जबकि X पर इसके करीब 1 लाख 60 हजार फॉलोअर्स बताए जा रहे हैं।दिलचस्प बात यह है कि इंस्टाग्राम पर भारतीय जनता पार्टी के करीब 87 लाख और इडियन नेशनल कांग्रेस के लगभग 1.33 करोड़ फॉलोअर्स हैं। ऐसे में CJP की तुलना अब बड़े राजनीतिक दलों से होने लगी है।
क्या है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’?
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ कोई आधिकारिक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक व्यंग्यात्मक सोशल मीडिया और ऑनलाइन आंदोलन है। इसे महाराष्ट्र के अभिजीत दीपके ने शुरू किया है। पार्टी का नारा है— “धर्मनिरपेक्ष, समाजवादी, लोकतांत्रिक, आलसी।” सोशल मीडिया पर इसके मीम्स, पोस्ट और राजनीतिक व्यंग्य तेजी से वायरल हो रहे हैं।
Cockroach Janta Party: CJI के बयान के बाद आया आइडिया
15 मई को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि CJI सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवियों’ से की थी। हालांकि अगले दिन उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी को गलत तरीके से पेश किया गया। अभिजीत दीपके ने बताया कि इसी विवाद के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर मजाकिया अंदाज में पूछा कि अगर सारे ‘कॉकरोच’ एक साथ आ जाएं तो क्या होगा। इसके बाद बड़ी संख्या में युवाओं ने प्रतिक्रिया दी और वहीं से ‘CJP’ का विचार सामने आया।
पार्टी की सदस्यता के लिए 4 योग्यताएं
CJP ने अपने ऑनलाइन कैंपेन में सदस्यता के लिए चार ‘योग्यताएं’ भी बताई हैं, जिन्हें व्यंग्यात्मक अंदाज में पेश किया गया है— बेरोजगार होना, आलसी होना , हमेशा ऑनलाइन रहना और प्रोफेशनली भड़ास निकालने की क्षमता होना है। इन बिंदुओं को सोशल मीडिया पर काफी शेयर किया जा रहा है।

Cockroach Janta Party: घोषणापत्र में किए गए बड़े वादे
कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना एक व्यंग्यात्मक घोषणापत्र भी जारी किया है। इसमें कई बड़े दावे और वादे किए गए हैं, जिनमें— रिटायरमेंट के बाद CJI को राज्यसभा न भेजना, महिलाओं को 50% आरक्षण देना , दलबदल करने वाले नेताओं पर 20 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक और मीडिया संस्थानों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना जैसे मुद्दे शामिल हैं।
AAP से जुड़ चुके हैं अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके फिलहाल अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशन की मास्टर डिग्री कर रहे हैं। वह 2020 से 2023 तक आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम में वॉलंटियर भी रह चुके हैं। उन्होंने बातचीत में कहा कि यह आंदोलन युवाओं के गुस्से, बेरोजगारी और सिस्टम से नाराजगी की सामूहिक अभिव्यक्ति बन चुका है।
युवाओं के बीच क्यों बढ़ रहा असर?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि CJP की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता युवाओं की बेरोजगारी, राजनीतिक निराशा और सोशल मीडिया आधारित राजनीतिक अभिव्यक्ति को दिखाती है। हालांकि यह अभी एक व्यंग्यात्मक डिजिटल अभियान है, लेकिन इसके तेजी से बढ़ते प्रभाव ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
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