Venezuela Oil Supply: होर्मुज स्ट्रेट बंद होने और मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच वैश्विक तेल बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। ऐसे हालात में वेनेजुएला अचानक भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर बनकर उभरा है। एनर्जी ट्रैकिंग एजेंसी केप्लर के डेटा के मुताबिक मई 2026 में वेनेजुएला ने सऊदी अरब और अमेरिका दोनों को पीछे छोड़ दिया।
9 महीने बाद भारत ने फिर खरीदा वेनेजुएला का तेल
रिपोर्ट के अनुसार भारत ने मई में वेनेजुएला से करीब 4.17 लाख बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल खरीदा है। अप्रैल में यह आंकड़ा 2.83 लाख बैरल प्रतिदिन था। इससे पहले लगातार 9 महीने तक भारत ने वेनेजुएला से तेल नहीं खरीदा था। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर कुछ प्रतिबंधों में ढील दिए जाने के बाद अप्रैल से भारत में फिर से वेनेजुएलाई तेल की सप्लाई शुरू हुई।
Venezuela Oil Supply: सस्ता तेल बना भारत की पहली पसंद
विशेषज्ञों के मुताबिक वेनेजुएला का भारी और हाई-सल्फर वाला कच्चा तेल सस्ता पड़ रहा है। भारत की बड़ी रिफाइनरियां, खासकर Reliance Industries, इसे आसानी से प्रोसेस कर सकती हैं। यही वजह है कि भारतीय कंपनियों ने इसकी खरीद बढ़ाई है। केप्लर के एनालिस्ट निखिल दुबे के मुताबिक गुजरात स्थित रिलायंस की रिफाइनरी भारी कच्चे तेल को प्रोसेस करने में काफी सक्षम मानी जाती है।
Venezuela Oil Supply: होर्मुज संकट से मिडिल ईस्ट सप्लाई प्रभावित
मई में भारत का कुल कच्चा तेल आयात बढ़कर 49 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंच गया, लेकिन मिडिल ईस्ट से सप्लाई में भारी गिरावट आई है। इराक से सप्लाई फरवरी के 9.69 लाख बैरल प्रतिदिन से घटकर मई में केवल 51 हजार बैरल प्रतिदिन रह गई। वहीं सऊदी अरब की सप्लाई भी 6.7 लाख बैरल प्रतिदिन से घटकर करीब 3.4 लाख बैरल प्रतिदिन हो गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि सऊदी तेल की बढ़ी कीमतों और होर्मुज संकट के चलते भारतीय कंपनियां अब सस्ता विकल्प तलाश रही हैं।
रूस से तेल खरीद भी तेजी से बढ़ी
ईरान युद्ध के बाद भारत ने रूसी तेल की खरीद भी काफी बढ़ा दी है। मार्च में रूस से सप्लाई लगभग दोगुनी होकर 23 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गई। हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक जो रूसी तेल पहले डिस्काउंट पर मिलता था, अब वही प्रीमियम कीमत पर बेचा जा रहा है। इससे रूस को युद्ध के बीच बड़ा आर्थिक फायदा हो रहा है।
भारत दौरे पर आ सकती हैं वेनेजुएला की राष्ट्रपति
अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा है कि वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अगले सप्ताह भारत दौरे पर आ सकती हैं। माना जा रहा है कि इस दौरान तेल आपूर्ति और ऊर्जा सहयोग पर अहम बातचीत होगी। करीब 303 अरब बैरल तेल भंडार के साथ वेनेजुएला दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार वाला देश माना जाता है।
अमेरिका चाहता है भारत ज्यादा अमेरिकी और वेनेजुएलाई तेल खरीदे
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका अब वेनेजुएला के तेल को वैश्विक बाजार में दोबारा स्थापित करने की कोशिश कर रहा है। ट्रम्प प्रशासन पहले भारत द्वारा रूसी तेल खरीद बढ़ाने पर नाराजगी जता चुका है।
अब अमेरिका चाहता है कि भारत रूसी तेल की जगह अमेरिकी और वेनेजुएलाई तेल की खरीद बढ़ाए।
होर्मुज में फंसे भारत के 13 जहाज
ईरान के आसपास बढ़ते संघर्ष की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। भारतीय अधिकारियों के मुताबिक इस समय भारत के 13 जहाज वहां फंसे हुए हैं। हाल के दिनों में ओमान तट और होर्मुज के आसपास कई जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरें भी सामने आई हैं। एक भारतीय झंडे वाला जहाज आग लगने के बाद डूब भी गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि मिडिल ईस्ट संकट ने वैश्विक ऊर्जा राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है और अब वेनेजुएला जैसे देशों के लिए नया अवसर पैदा हो गया है।
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