Bakrid 2026: बकरीद 2026 को लेकर मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मुस्लिम समुदाय से अहम अपील की है। उत्तर प्रदेश के बरेली में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात (AIMJ) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि त्योहार को पूरी जिम्मेदारी, साफ-सफाई और आपसी भाईचारे के साथ मनाया जाए। उन्होंने खास तौर पर खुले में कुर्बानी न करने और सड़क तथा चौराहों पर नमाज अदा करने से बचने की सलाह दी।
मस्जिद और ईदगाह में नमाज पढ़ने की दी सलाह
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि बकरीद की नमाज मस्जिदों और ईदगाहों में ही अदा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी जगह पर भीड़ ज्यादा हो जाए और जगह कम पड़े तो अलग-अलग जमातों में नमाज पढ़ी जा सकती है। एक इमाम के बाद दूसरा इमाम नमाज पढ़ा सकता है, जिससे लोगों को सड़क या चौराहों पर नमाज पढ़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी।उन्होंने कहा कि नमाज इबादत का सबसे पाक अमल है और इसे शांत माहौल में अदा किया जाना चाहिए। मस्जिदों में नमाज पढ़ने से व्यवस्था भी बनी रहेगी और किसी तरह का विवाद भी पैदा नहीं होगा।
Bakrid 2026: खुले में कुर्बानी न करने की अपील
मौलाना ने कुर्बानी को लेकर भी लोगों से एहतियात बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि कुर्बानी का जानवर खुले में न रखा जाए और न ही सार्वजनिक स्थानों पर उसकी कुर्बानी की जाए। उन्होंने लोगों से कहा कि कुर्बानी घर के अंदर या तय बूचड़खानों में ही करें और इस दौरान जगह को ढककर रखें ताकि किसी की भावनाएं आहत न हों।उन्होंने यह भी कहा कि कुर्बानी के बाद जानवरों के अवशेषों को खुले में फेंकने के बजाय गड्ढा खोदकर दफन कर देना चाहिए, जिससे गंदगी और बदबू फैलने से बचा जा सके।
Bakrid 2026: सोशल मीडिया पर फोटो-वीडियो डालने से बचने की नसीहत
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने युवाओं और बच्चों को खास नसीहत देते हुए कहा कि कुर्बानी के फोटो और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड न करें। उन्होंने कहा कि ऐसे वीडियो कई बार विवाद और गलतफहमी का कारण बनते हैं, इसलिए लोगों को जिम्मेदारी दिखानी चाहिए और धार्मिक कार्यों को प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनाना चाहिए।
प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी न करने की अपील
AIMJ अध्यक्ष ने अपने संदेश में कहा कि भारत एक विविधताओं वाला देश है, जहां अलग-अलग धर्मों के लोग रहते हैं। उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वे प्रतिबंधित पशुओं, खासकर गाय की कुर्बानी से पूरी तरह बचें, क्योंकि देश में बड़ी संख्या में लोग गाय को पूजनीय मानते हैं। उन्होंने कहा कि किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना इस्लाम की शिक्षा नहीं है और सभी को आपसी सम्मान और भाईचारे का संदेश देना चाहिए।
Bakrid 2026: भाईचारे और शांति के साथ मनाएं बकरीद
अपने वीडियो संदेश के आखिर में मौलाना ने कहा कि बकरीद का त्योहार कुर्बानी, त्याग और इंसानियत का पैगाम देता है। ऐसे में सभी लोग कानून और प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए त्योहार मनाएं ताकि समाज में अमन, शांति और भाईचारा कायम रहे।








