युगांडा से आया व्यक्ति निगेटिव
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि राज्य के संबंधित अधिकारियों से समन्वय स्थापित करते हुए पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। साथ ही, यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से जारी किए गए दिशानिर्देशों का पालन करने में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाए। हालांकि, राहत की बात यह है कि अब तक की जांच में भारत में इबोला वायरस के एक भी मामले की पुष्टि नहीं हुई है।
New Delhi: जांच-पड़ताल तेज
स्वास्थ्य अधिकारियों ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर इबोला वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए हम पूरी तरह से चौकस हैं। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इस वायरस के प्रकोप की वजह से किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा नहीं हो। इसके इतर, वायरस के प्रकोप के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ प्रतिक्रिया तंत्र को भी सुदृढ़ करने की कोशिश कर रहे हैं।
New Delhi: WHO की चेतावनी
टेड्रोस ने अपने सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर बताया कि अब तक 101 मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जिसमें 10 मृतकों की भी संख्या है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि महामारी का वास्तविक पैमाना काफी अधिक है, जिसमें 900 से अधिक संदिग्ध मामले और 220 संदिग्ध मौतें जांच के दायरे में हैं।
उन्होंने बताया कि पड़ोसी देश युगांडा में भी नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं, जिनमें स्वास्थ्यकर्मियों के बीच दो अतिरिक्त पुष्ट मामले शामिल हैं, जिससे देश में पुष्ट मामलों की कुल संख्या सात हो गई है, जिसमें एक मौत भी शामिल है। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएचओ और सहयोगी एजेंसियां प्रतिक्रिया उपायों को बढ़ा रही हैं और वैश्विक स्वास्थ्य टीमें संक्रमित व्यक्तियों की जल्द से जल्द पहचान करने और संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए संपर्क ट्रेसिंग और निगरानी को तेज करने के लिए काम कर रही हैं।








