High-Level Meeting: ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर केंद्र सरकार पूरी तरह सतर्क है। इसी सिलसिले में नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (IGOM) की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की।
लोगों से घबराहट में खरीदारी न करने की अपील
बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में सप्लाई चेन पूरी तरह सामान्य है और आवश्यक वस्तुओं की कोई कमी नहीं है।
High-Level Meeting: ऊर्जा और आपूर्ति व्यवस्था की हुई समीक्षा
बैठक में पश्चिम एशिया में जारी तनाव का भारत की ऊर्जा जरूरतों, पेट्रोलियम आपूर्ति, समुद्री व्यापार मार्गों और परिवहन सेवाओं पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इसके अलावा विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और जरूरत पड़ने पर निकासी योजनाओं की तैयारियों की भी समीक्षा हुई।
PM मोदी के नेतृत्व की सराहना
राजनाथ सिंह ने कहा कि संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने प्रभावी तरीके से स्थिति पर नजर रखी है। मंत्री समूह ने कठिन परिस्थितियों में दूरदर्शी नेतृत्व के लिए प्रधानमंत्री का आभार भी जताया।
High-Level Meeting: कई केंद्रीय मंत्री बैठक में शामिल
इस अहम बैठक में स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, किरेन रिजिजू, मनसुख मांडविया, सर्वानंद सोनोवाल और मनोहर लाल खट्टर समेत कई केंद्रीय मंत्री शामिल हुए।
भारत के लिए अहम है पश्चिम एशिया
विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया भारत के लिए आर्थिक और सामरिक दोनों दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से पूरा करता है। ऐसे में केंद्र सरकार लगातार हालात पर करीबी नजर बनाए हुए है।
ये भी पढ़े… सीमा पर सख्ती: बंगाल सरकार ने BSF को दी 142.79 एकड़ जमीन, घुसपैठ रोकने की तैयारी तेज







