BJP News: भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी को कथित तौर पर व्हाट्सएप के जरिए जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। धमकी देने वाले अज्ञात व्यक्ति ने न केवल सिद्दीकी बल्कि उनके परिवार को भी नुकसान पहुंचाने की बात कही है। इसके साथ ही आरोपी ने 50 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक की फिरौती की मांग भी की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए नागपुर पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस साइबर फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
लगातार मिल रही धमकी
जमाल सिद्दीकी के अनुसार, 25 से 27 मई के बीच एक मोबाइल नंबर से उन्हें लगातार व्हाट्सएप संदेश भेजे गए। इन संदेशों में आरोपी ने यूपीआई और बैंक ट्रांसफर के माध्यम से बड़ी रकम की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उसकी मांग पूरी नहीं की गई तो सिद्दीकी और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। सिद्दीकी का कहना है कि शुरुआत में उन्होंने इन संदेशों को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन लगातार मिल रही धमकियों के बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क किया। धमकी भरे संदेशों में आरोपी ने कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं का भी उल्लेख किया। मैसेज में दावा किया गया कि उसकी कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं से व्यक्तिगत दुश्मनी है और उसने उनके खिलाफ आपत्तिजनक एवं हिंसक बातें लिखीं। पुलिस के अनुसार, संदेशों में कुछ राष्ट्रीय नेताओं के नाम लेकर धमकी भरे दावे भी किए गए हैं। जांच एजेंसियां इन संदेशों की सत्यता और उद्देश्य की पड़ताल कर रही हैं।
BJP News: मेरी बीजेपी से कोई दुश्मनी नहीं
एफआईआर में दर्ज जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने अपने संदेश में लिखा कि उसकी भारतीय जनता पार्टी से कोई दुश्मनी नहीं है। उसने दावा किया कि कुछ कांग्रेस नेताओं ने उसका अपमान किया था, जिसके कारण वह उनके खिलाफ कार्रवाई करना चाहता है। हालांकि पुलिस इन दावों को गंभीरता से लेते हुए प्रत्येक पहलू की जांच कर रही है और संदेश भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास कर रही है। जमाल सिद्दीकी ने पुलिस को व्हाट्सएप चैट, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इन सबूतों के आधार पर तकनीकी जांच आगे बढ़ाई जा रही है। नागपुर पुलिस मोबाइल नंबर के स्रोत, कॉल रिकॉर्ड, आईपी एड्रेस और अन्य डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही है ताकि आरोपी तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।
पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(D) के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार मामले को संवेदनशील मानते हुए विशेष टीमों का गठन किया गया है और जांच को प्राथमिकता दी जा रही है। जबकि इस मामले में जमाल सिद्दीकी ने कहा कि फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से मिली धमकियों की जानकारी मैंने तुरंत पुलिस को दी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का पूरा सहयोग मिल रहा है। शुरुआत में मुझे लगा था कि यह किसी की शरारत हो सकती है, लेकिन लगातार धमकियां मिलने के बाद परिवार में भय का माहौल बन गया है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।
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