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“आंसुओं का द्वार” बंद हुआ तो हाहाकार करेगी दुनिया, रुला देगा ईरान का यह कदम

 us iran conflict : "आंसुओं का द्वार" बंद हुआ तो हाहाकार करेगी दुनिया, रुला देगा ईरान का यह कदम
us iran conflict : होर्मुज स्ट्रेट पर जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई तो दुनिया में ऊर्जा संकट गहरा गया, लेकिन इससे भी बड़ी समस्या तब खड़ी होगी जब ईरान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त समुद्री मार्गों में से एक प्रमुख बाब अल-मंदेब (Bab al-Mandab) को बंद कर देगा।अरबी भाषा में बाब अल-मंदेब का अर्थ “आंसुओं का द्वार” (Gate of Tears) होता है। नेविगेशन और जहाजों के लिए जोखिम भरा होने के कारण इसका यह नाम पड़ा।यह संकरा मार्ग एक प्रमुख वाणिज्यिक चोकपॉइंट है, जो स्वेज नहर की ओर लाल सागर (Red Sea) को अदन की खाड़ी (Gulf of Aden) से जोड़ता है, जो हिंद महासागर में खुलती है।

भीषण ऊर्जा संकट झेलेगी दुनिया

व्यापारिक दृष्टि से यह मार्ग दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यूरोप और एशिया के बीच होने वाले व्यापार और कच्चे तेल की आपूर्ति का एक बहुत बड़ा हिस्सा यहीं से होकर जाता है। अगर इस समुद्री मार्ग पर यातायात रुकता है, तो लगभग सारी दुनिया को भीषण ऊर्जा संकट का सामना करना पड़ेगा।इसके साथ ही दुनिया के लोगों को भयंकर महंगाई झेलनी पड़ेगी। भारत भी इन देशों में शामिल है।लगता है कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप भी इस खतरे को भांप रहे हैं। यही वजह है कि वे लेबनान पर हो रहे इजरायली हमलों को लेकर नेतन्याहू से नाराज हैं। 

us iran conflict :  कैसे रुकेगी आवाजाही ?

चिंता का विषय यह है कि यदि इजरायल ने लेबनान और गाजा में सैन्य हमले न रोके तो ऐसे में ईरान और यमन के हूती विद्रोही इस समुद्री मार्ग को बंद कर सकते हैं।हालांकि ईरान की ओर से आधिकारिक तौर पर इस तरह की कोई घोषणा नहीं की गई है, लेकिन ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने शीर्ष अधिकारियों के हवाले से कहा है कि सीजफायर के बावजूद लेबनान और गाजा में इजरायली सैन्य हमले जारी हैं। ऐसे में ईरान और यमन के हूती ने बाब अल-मंदेब पर फैसला लिया है।

us iran conflict : कौन हैं हूती विद्रोही?

हूती विद्रोही ईरान के सहयोगी हैं।ये विद्रोही वर्षों से यमन की सरकार के खिलाफ गृह युद्ध लड़ रहे हैं। ये यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा जमाए हुए हैं। जानकारों का मानना है कि यमन के हूती विद्रोहियों के लिए बाब अल-मंदेब से होकर आवाजाही करने वाले जहाजों के लिए बाधा खड़ी करना कोई मुश्किल काम नहीं है। वे जहाजों को आसानी से टारगेट कर उनकी आवाजाही रोक सकते हैं। यह स्थिति दुनिया के तमाम मुल्कों के लिए कष्टदायक साबित होगी। लोग गंभीर ऊर्जा संकट के साथ ही महंगाई से भी त्राहिमाम करेंगे।