Annamalai: तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने मंगलवार को नई दिल्ली में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
हाल के दिनों में ऐसी खबरें सामने आई हैं कि अन्नामलाई बीजेपी से अलग होकर अपनी नई राजनीतिक पार्टी शुरू कर सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि पिछले कुछ महीनों से उनका पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई मुद्दों पर गंभीर मतभेद चल रहा है। इसी वजह से उनके अगले कदम को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं बढ़ गई हैं।
अन्नामलाई ने क्या कहा?
सोमवार को जब पत्रकारों ने उनसे उनके भविष्य की योजनाओं और चल रही अटकलों के बारे में सवाल पूछा, तो उन्होंने सीधा जवाब देने के बजाय कहा, “कृपया इंतजार करें। हम दो दिनों में बैठकर बात करेंगे।”
उनके इस बयान के बाद अटकलों को और बल मिला है। खासकर 4 जून को उनके जन्मदिन से पहले राज्य के कई इलाकों में उनके समर्थन में पोस्टर लगाए गए हैं। शहर की प्रमुख सड़कों और गलियों में लगे इन पोस्टरों पर “हमारे नेता, आओ और हमारा नेतृत्व करो” जैसे संदेश लिखे गए हैं, जिससे राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

Annamalai: 2020 में बीजेपी से जुड़े थे
पूर्व आईपीएस अधिकारी के. अन्नामलाई ने वर्ष 2020 में भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। इसके बाद उन्होंने 2021 से 2025 तक तमिलनाडु बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली।
अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्यभर में कई जनसंपर्क अभियान चलाए और बीजेपी के प्रमुख चेहरों में अपनी पहचान बनाई। युवाओं और सोशल मीडिया पर भी उन्हें काफी लोकप्रियता और समर्थन मिला। हालांकि 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद से उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं।
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव
अन्नामलाई से जुड़ा यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों ने राज्य की राजनीति की तस्वीर बदल दी है।इन चुनावों में टीवीके ने पहली बार चुनाव लड़ते हुए 108 सीटों पर जीत दर्ज की। इस प्रदर्शन ने डीएमके और एआईएडीएमके गठबंधनों के लंबे समय से चले आ रहे राजनीतिक वर्चस्व को समाप्त कर दिया।
विजय बने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री
चुनाव में मिली बड़ी सफलता के बाद विजय ने 234 सदस्यीय विधानसभा में 120 विधायकों का समर्थन हासिल किया। इसके बाद उन्होंने तमिलनाडु के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर पदभार संभाला।
राज्य की बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के बीच अब सभी की नजर अन्नामलाई के अगले फैसले पर टिकी हुई है, क्योंकि आने वाले दिनों में उनका कदम तमिलनाडु की राजनीति पर बड़ा प्रभाव डाल सकता है।
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