Surya Murder Case: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले की खोड़ा कॉलोनी में 28 मई, यानी बकरीद के दिन एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां कुछ मुस्लिम युवकों ने मिलकर हिंदू युवक सूर्या चौहान की चाकू मारकर हत्या कर दी। घटना से पहले मुख्य आरोपी असद ने सूर्या से पूछा कि क्या उसने कभी बकरा कटते हुए देखा है। जब सूर्या ने कहा कि नहीं, तो असद ने उसे साथ चलने को कहा और कहा कि वह उसे दिखाएगा। इसके बाद असद ने अचानक सूर्या के पेट में चाकू घोंप दिया और उसे अंदर तक घुमा दिया। हमले के बाद सूर्या गंभीर रूप से घायल होकर वहीं गिर पड़ा।
आरोपियों को लगा कि सूर्या की मौत हो चुकी है, जिसके बाद वे मौके से फरार हो गए। गंभीर हालत में सूर्या को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया और परिजनों समेत लोगों ने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी असद को मुठभेड़ में मार गिराया।
पीड़ित परिवार को मिला सरकारी रोजगार
सूर्या हत्याकांड के बाद प्रशासन लगातार पीड़ित परिवार के साथ खड़ा दिखाई दिया। गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने परिवार के एक सदस्य को नियुक्ति पत्र सौंपा। नगर विकास मंत्रालय की ओर से पीड़ित परिवार के सदस्य को खोड़ा नगर पालिका में सफाई सुपरवाइजर के पद पर नियुक्त किया गया। इस मौके पर पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ भी मौजूद रहे और उन्होंने परिवार को सांत्वना दी।

खोड़ा में तीन मदरसों पर कार्रवाई और सीलिंग
खोड़ा इलाके में प्रशासन ने तीन मदरसों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया। इनमें रहमानिया मदरसा, सुलताना अल-अरफीन मदरसा और तालीमत उलूम मदरसा शामिल हैं। जांच में पाया गया कि इन मदरसों के पास पंजीकृत दस्तावेज नहीं थे, जिसके चलते यह कदम उठाया गया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे अभियान की निगरानी की।
1601 अपराधियों का सत्यापन अभियान शुरू
सूर्या हत्याकांड के बाद खोड़ा क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन ने बड़ा सत्यापन अभियान शुरू किया है। जानकारी के अनुसार लगभग 1601 अपराधियों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। इसमें यह जांच हो रही है कि वे वर्तमान में कहां रह रहे हैं और क्या उनके पास कोई अवैध संपत्ति तो नहीं है। इसी अभियान के तहत प्रशासन ने तीन मदरसों पर सीलिंग की कार्रवाई भी की है।
ऑपरेशन क्लीन स्वीप के तहत बड़ी कार्रवाई
खोड़ा क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन ने “ऑपरेशन क्लीन स्वीप” शुरू किया है। यह अभियान तीन दिनों तक चलाया जा रहा है, जिसके तहत हिस्ट्रीशीटरों, अपराधियों और असामाजिक तत्वों के ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस टीमें संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर उनका सत्यापन कर रही हैं।
इस अभियान में ड्रोन कैमरे, स्निफर डॉग्स और अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों और मकानों की छतों पर भी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी आपराधिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके। अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था मजबूत करने और अपराधियों में डर पैदा करने के लिए की जा रही है।
अभियान का दूसरा दिन और प्रशासन की मौजूदगी
ऑपरेशन क्लीन स्वीप और वेरिफिकेशन ड्राइव का दूसरा दिन भी सक्रिय रहा। इस दौरान पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड़ और जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरे क्षेत्र में चल रही कार्रवाई की निगरानी की और अपराधियों के सत्यापन की स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान प्रशासन ने एक बार फिर तीन मदरसों पर सीलिंग की कार्रवाई को दोहराया।
Surya Murder Case: एक और मदरसा सील किया गया
खोड़ा में जांच के दौरान एक और मदरसा सुलताना अल-अरफीन को भी सील कर दिया गया। प्रशासन की लगातार कार्रवाई से इलाके में हलचल बनी रही और सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
इस मामले में शामिल आरोपी आतिफ को लेकर भी कई जानकारियां सामने आईं। आतिफ पीलीभीत जिले के मोहल्ला बुजकसावान का रहने वाला है। उसका घर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बना हुआ बताया गया है। वह तीन भाई-बहनों में तीसरे नंबर पर है और पिछले डेढ़ साल से अपने घर नहीं आया था। बताया गया कि हत्या के बाद वह छिपने के लिए अपने घर पहुंचा था, जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
फरहान और आतिफ की गिरफ्तारी
पुलिस ने इस हत्याकांड में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके नाम फरहान और आतिफ हैं। फरहान पर आरोप है कि उसने असद को चाकू उपलब्ध कराया था। जांच में सामने आया कि फरहान ने वारदात के दौरान असद के परिवार को जानकारी भी दी थी और साजिश में शामिल था।
फरहान का परिवार पहले से ही आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। उसके पिता और ताऊ पहले हत्या के मामलों में जेल जा चुके हैं। वहीं आतिफ बैंड बजाने का काम करता था और आर्थिक तंगी के कारण गाजियाबाद में मजदूरी करने गया था।

हत्या की साजिश और विवाद की वजह
पुलिस जांच के अनुसार 28 मई को सुबह असद और सूर्या के बीच बाइक चलाने को लेकर विवाद हुआ था। यह विवाद बढ़ने के बाद असद ने अपने पिता और साथियों को जानकारी दी। इसके बाद सभी ने मिलकर सूर्या को सबक सिखाने की साजिश रची और हमला किया।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि हमला इतना गंभीर था कि चाकू सूर्या के पेट में लगभग चार इंच तक घुस गया था, जिससे उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई थी।
असद की मौत पर मां की प्रतिक्रिया
पुलिस मुठभेड़ में असद के मारे जाने के बाद सूर्या की मां ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह उनके बेटे के लिए न्याय की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने यह भी कहा कि वह असद की तस्वीर देखना चाहती हैं ताकि उन्हें यकीन हो सके कि उनके बेटे के हत्यारे को सजा मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा परिवार का इकलौता सहारा था और उसकी मौत से सब कुछ खत्म हो गया।
प्रशासन ने नवनीत विहार स्थित असद के घर को लेकर नोटिस जारी किया है। इसे सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा बताया गया है। नोटिस में 15 दिनों के भीतर कब्जा हटाने का आदेश दिया गया है, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। चूंकि आरोपी का पिता जेल में है, मां फरार है और परिवार बिखरा हुआ है, इसलिए अब यह सवाल उठ रहा है कि कार्रवाई आगे कैसे पूरी होगी।
जनरल वीके सिंह की बेटी की मुलाकात
पूर्व केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह की बेटी मृणालिनी सिंह पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और कहा कि परिवार अकेला नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और प्रशासन दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहे हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया है।
राजनीतिक बयान और प्रतिक्रिया
इस मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। बीजेपी नेता संगीत सोम ने कहा कि इस तरह की घटनाएं गलत संगत और गलत लोगों से दोस्ती का परिणाम होती हैं। वहीं सपा नेता अबू आजमी ने असद के एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए कहा कि कार्रवाई में पक्षपात दिखाई देता है और इसे एक विशेष नजरिए से किया जा रहा है।
अंतिम कार्रवाई और बुलडोजर चर्चा
प्रशासन ने असद के घर पर नोटिस चस्पा करने के बाद 15 दिन का समय दिया है। इसके बाद अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई की जाएगी। इसी के साथ इलाके में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए हैं और जांच व कार्रवाई जारी है।
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