New Delhi: राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में स्थित एक रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग की लपटों ने वहां मौजूद लोगों को इस तरह झुलसा दिया कि मृतकों के परिजनों और रिश्तेदारों के लिए अपनों को पहचान पाना मुश्किल हो गया। मैक्स अस्पताल के शवगृह में शवों को बुरी तरह जला हुआ देखकर लोग रो पड़े।
आंखों से छलका दर्द
एक व्यक्ति के अनुसार उनके छह रिश्तेदार इस आग की चपेट में आ गए। इनमें से बड़ी मुश्किल से चार के शवों की पहचान पाई, जबकि दो की पहचान होनी अभी बाकी है। अपनों को खोने का दर्द लोगों की आंखों से छलक रहा है और चेहरों पर भी दिखाई दे रहा है।सोचिए कि जिन लोगों के परिजन या रिश्तेदार आग की चपेट में आए, उनके दिलों पर क्या गुजर रही होगी। जो लोग बच गए, उनके दिलो-दिमाग पर भी इस हादसे का लंबे समय तक असर होगा। उन्हें हमेशा इसकी तकलीफ होती रहेगी। आखिर वह मां इस हादसे को कैसे भूल सकेगी जो जान बचाने के लिए अपने बच्चे को कलेजे लिपटाकर बिल्डिंग से कूद गई? बहुमंजिला होटल से कूदकर बचे लोग कैसे इस हादसे को आसानी से भुला पाएंगे?
New Delhi: इलाज के लिए आए, मिली मौत
अग्निकांड में मृतकों की संख्या बढ़कर 21 हो गई है। मरने वालों में अधिकांश विदेशी नागरिक हैं, जो इलाज के लिए दिल्ली आए थे।उनकी पहचान और राष्ट्रीयता की आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया जारी है। दिल्ली पुलिस की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, बुधवार सुबह 8:48 बजे मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे बी एंड बी में आग लगने की सूचना प्राप्त हुई थी।
पुलिस, दमकल विभाग और अन्य आपातकालीन एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
New Delhi: पीएम ने दुख व्यक्त किया
इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने बयान में कहा, “दिल्ली के मालवीय नगर में आग लगने की घटना में लोगों की जान जाना बेहद दुखद है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रशासन प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष की ओर से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।”








