AI Scam: आजकल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे WhatsApp और Facebook पर ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। साइबर अपराधी अब लोगों को ठगने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस नए तरीके को ‘AI स्कैम’ कहा जा रहा है, जिसमें जालसाज किसी रिश्तेदार या दोस्त जैसी आवाज और चेहरा बनाकर लोगों से पैसों की मांग करते हैं।
देशभर में कई लोग इस तरह के साइबर फ्रॉड का शिकार होकर लाखों रुपए गंवा चुके हैं। अगर आप इंटरनेट बैंकिंग, Google Pay, PhonePe या UPI का इस्तेमाल करते हैं, तो सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
कैसे होता है AI वॉयस क्लोनिंग स्कैम?
इस स्कैम में साइबर ठग सोशल मीडिया प्रोफाइल से लोगों की फोटो, वीडियो और ऑडियो क्लिप डाउनलोड कर लेते हैं। इसके बाद AI वॉयस क्लोनिंग तकनीक की मदद से उसी व्यक्ति जैसी आवाज तैयार की जाती है। फिर WhatsApp या Facebook Messenger पर किसी अनजान नंबर से कॉल या मैसेज आता है। सामने वाला व्यक्ति खुद को आपका दोस्त, भाई, बहन या रिश्तेदार बताकर किसी मेडिकल इमरजेंसी या मुसीबत का बहाना बनाता है और तुरंत पैसों की मांग करता है। कई बार आवाज इतनी असली लगती है कि लोग बिना जांच किए तुरंत पैसे ट्रांसफर कर देते हैं।
AI Scam: मदद मांगने वाले कॉल पर तुरंत भरोसा न करें
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर किसी करीबी के नाम से अचानक रोते हुए या मदद मांगने वाला कॉल आए, तो घबराने की बजाय पहले सच्चाई की पुष्टि करें। जिस नंबर से कॉल आया है, उस पर भरोसा करने के बजाय संबंधित व्यक्ति के पुराने और असली नंबर पर खुद कॉल करके जानकारी लें। बिना पुष्टि किए किसी भी बैंक खाते या UPI ID पर पैसे ट्रांसफर न करें।
AI Scam: फर्जी लिंक और फ्रेंड रिक्वेस्ट से रहें सावधान
साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, Facebook पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से बचना चाहिए। साथ ही Messenger या WhatsApp पर आए संदिग्ध लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। ऐसे लिंक कई बार मैलवेयर होते हैं, जो फोन का डेटा और बैंकिंग जानकारी चोरी कर सकते हैं। एक क्लिक से हैकर्स मोबाइल का एक्सेस भी हासिल कर सकते हैं।
टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन करना जरूरी
डिजिटल सुरक्षा के लिए WhatsApp और Facebook अकाउंट में टू-स्टेप वेरिफिकेशन फीचर ऑन करने की सलाह दी गई है। इससे पासवर्ड लीक होने के बाद भी कोई दूसरा व्यक्ति अकाउंट लॉगिन नहीं कर पाएगा। इसके अलावा सोशल मीडिया अकाउंट की प्राइवेसी सेटिंग्स में जाकर फोटो, वीडियो और निजी जानकारी को ‘Only Friends’ पर सेट करना चाहिए, ताकि कोई बाहरी व्यक्ति आपकी जानकारी का गलत इस्तेमाल न कर सके।
फ्रॉड होने पर तुरंत करें शिकायत
अगर किसी व्यक्ति के साथ AI स्कैम या ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। इसके अलावा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी संपर्क किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सतर्कता और डिजिटल जागरूकता ही ऐसे साइबर अपराधों से बचने का सबसे बड़ा तरीका है।
यह भी पढे़ : खामेनेई को 4 महीने बाद दी जाएगी अंतिम विदाई, मशहद में इमाम रजा दरगाह के पास होंगे दफन








