Ashok Gehlot: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस संगठन में हुए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का निर्णय कर लिया था और वह इस जिम्मेदारी को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार भी थे। हालांकि बाद में अचानक परिस्थितियां बदल गईं और पूरा राजनीतिक परिदृश्य अलग दिशा में चला गया। गहलोत ने इस मुद्दे पर वर्षों से चल रही चर्चाओं और विवादों पर विस्तार से अपनी बात रखी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष पद को लेकर किया बड़ा खुलासा
अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष का पद बेहद महत्वपूर्ण और जिम्मेदारी भरा होता है। उनके अनुसार पार्टी नेतृत्व ने उन्हें इस भूमिका के लिए चुना था और उन्होंने भी इसे स्वीकार करने की तैयारी कर ली थी। लेकिन अचानक कुछ ऐसे घटनाक्रम सामने आए, जिनसे पूरा मामला बदल गया। उन्होंने कहा कि बाद में यह धारणा बना दी गई कि उन्होंने स्वयं अध्यक्ष बनने से इनकार कर दिया था, जबकि वास्तविक स्थिति इससे अलग थी।
Ashok Gehlot: पच्चीस सितंबर की घटना पर दी सफाई
गहलोत ने वर्ष 2022 की पच्चीस सितंबर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उस समय जो कुछ हुआ था, वह किसी भी रूप में पार्टी नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह नहीं था। उनके अनुसार राजस्थान कांग्रेस हमेशा से केंद्रीय नेतृत्व के प्रति समर्पित रही है और प्रदेश के नेताओं ने हर फैसले का सम्मान किया है। उन्होंने कहा कि उस घटनाक्रम को अनावश्यक रूप से विवाद का रूप दिया गया।
मानेसर प्रकरण और राजनीतिक आरोपों पर प्रतिक्रिया
पूर्व मुख्यमंत्री ने मानेसर प्रकरण को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोधी लगातार पुराने मुद्दों को उठाकर भ्रम फैलाने की कोशिश करते हैं। गहलोत के अनुसार उस समय की परिस्थितियों को समझे बिना कई तरह की धारणाएं बना ली गईं, जिससे वास्तविक तथ्यों पर पर्दा पड़ गया। उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदरूनी मामलों को पार्टी के भीतर ही सुलझाया जाना चाहिए।
Ashok Gehlot: छवि को नुकसान पहुंचने का जताया दुख
अशोक गहलोत ने कहा कि अध्यक्ष पद से जुड़े पूरे विवाद के कारण उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचा। उनका मानना है कि आज भी बड़ी संख्या में लोग यही समझते हैं कि उन्होंने स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने से दूरी बनाई थी। उन्होंने कहा कि वास्तविक तथ्यों की जानकारी बहुत कम लोगों तक पहुंची, जिसके कारण गलतफहमियां बनी रहीं। गहलोत ने विश्वास जताया कि समय के साथ इस पूरे घटनाक्रम की सही तस्वीर लोगों के सामने आएगी।
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