Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा स्टार्टअप और नवाचार केंद्र बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा विजन पेश किया है। नई स्टार्टअप नीति-2026 और प्रस्तावित डेटा सेंटर नीति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि प्रदेश के युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने वाला उद्यमी बनाया जाएगा। उनका मानना है कि युवा शक्ति, मजबूत डिजिटल ढांचा, विशाल उपभोक्ता बाजार और निवेश के अनुकूल वातावरण उत्तर प्रदेश को देश की नवाचार अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत केंद्र बना सकते हैं।
युवाओं को मिलेगा स्टार्टअप्स का मजबूत सहारा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नई स्टार्टअप नीति ऐसी हो, जो किसी भी युवा उद्यमी को आइडिया से लेकर ग्लोबल स्तर तक पहुंचने में हर संभव सहयोग प्रदान करे। नीति में स्टार्टअप्स के लिए भरण-पोषण भत्ता, प्रोटोटाइप विकास अनुदान, सीड कैपिटल सहायता, पेटेंट और गुणवत्ता प्रमाणन जैसी सुविधाओं को और प्रभावी बनाया जाएगा ताकि नए उद्यमियों को शुरुआती चुनौतियों से उबरने में मदद मिल सके।
Uttar Pradesh: महिलाओं, दिव्यांगों और पिछड़े क्षेत्रों को विशेष प्राथमिकता
नई नीति में महिला उद्यमियों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, दिव्यांगजनों, ट्रांसजेंडर उद्यमियों तथा पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों के स्टार्टअप्स के लिए विशेष प्रोत्साहन देने की तैयारी है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का हर वर्ग और हर क्षेत्र स्टार्टअप क्रांति का हिस्सा बने और विकास का लाभ समान रूप से प्राप्त करे।
Uttar Pradesh: एआई, रोबोटिक्स और क्वांटम टेक्नोलॉजी पर बड़ा दांव
भविष्य की तकनीकों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, क्वांटम टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, एयरोस्पेस, स्पेस टेक्नोलॉजी और हेल्थ-टेक जैसे क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश को अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए डीप-टेक स्टार्टअप्स और अनुसंधान आधारित नवाचार को विशेष बढ़ावा दिया जाएगा।उन्होंने विश्वविद्यालयों, तकनीकी संस्थानों और उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया। साथ ही लखनऊ और नोएडा में प्रस्तावित यू-हब को डीप-टेक इनोवेशन के प्रमुख केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना है।
स्टार्टअप मिशन से मिलेगा नई व्यवस्था को बल
बैठक में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन के गठन पर भी गंभीर चर्चा हुई। यह मिशन स्टार्टअप गतिविधियों के संचालन, वित्तीय प्रबंधन, क्षमता निर्माण और नई नीति के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकार का मानना है कि एक मजबूत संस्थागत ढांचा स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगाउत्तर प्रदेश ने स्टार्टअप क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। वर्ष 2018 में जहां राज्य स्टार्टअप रैंकिंग में ‘एस्पायरिंग लीडर’ श्रेणी में था, वहीं वर्ष 2025 तक वह भारत सरकार की स्टार्टअप रैंकिंग में ‘टॉप परफॉर्मर’ राज्यों में शामिल हो चुका है। यह उपलब्धि राज्य की बदलती आर्थिक तस्वीर और निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डेटा सेंटर नीति-2021 की समीक्षा करते हुए वर्ष 2030 तक प्रदेश में 2 गीगावाट से अधिक अतिरिक्त डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने अधिकारियों को निवेशकों की आवश्यकताओं के अनुरूप नई और अधिक आकर्षक डेटा सेंटर नीति तैयार करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर आने वाले समय की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इसलिए नई नीति में एआई आधारित कंप्यूटिंग, ग्रीन डेटा सेंटर, हाई-स्पीड कनेक्टिविटी, त्वरित अनुमोदन व्यवस्था और निर्बाध विद्युत आपूर्ति को प्राथमिकता दी जाएगी।
21 हजार करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव, प्रदेश में बढ़ेगा डिजिटल रोजगार
अधिकारियों के अनुसार डेटा सेंटर नीति-2021 के तहत अब तक 21,342.90 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव स्वीकृत किए जा चुके हैं। वर्तमान में प्रदेश में छह डेटा सेंटर पार्क और दो डेटा सेंटर इकाइयां संचालित हैं, जबकि 644 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं विभिन्न चरणों में विकसित की जा रही हैं।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि डेटा सेंटर विकास को केवल एनसीआर तक सीमित न रखा जाए, बल्कि लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ समेत अन्य शहरों में भी इसका विस्तार किया जाए, ताकि प्रदेश के हर क्षेत्र में डिजिटल निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है। नई स्टार्टअप नीति-2026 इसी सोच पर आधारित होगी कि प्रदेश का युवा केवल रोजगार पाने का सपना न देखे, बल्कि ऐसा उद्यम खड़ा करे जो हजारों लोगों को रोजगार देने का माध्यम बने। यही सोच उत्तर प्रदेश को नवाचार, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम साबित हो सकती है।
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