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ममता बनर्जी कांग्रेस में शामिल हो सकती हैं, अशोक गहलोत ने दिया यह सुझाव…

New Delhi: ममता बनर्जी कांग्रेस में शामिल हो सकती हैं, अशोक गहलोत ने दिया यह सुझाव...
New Delhi: ममता बनर्जी के कांग्रेस में शामिल होने की इन दिनों चर्चाएं चल रही हैं। इस तरह की चर्चाओं को एकदम नजरंदाज भी नहीं किया जा सकता है। दरअसल, ममता इस समय संकट के ऐसे दौर से गुजर रही हैं, जिसके कारण वे कांग्रेस में शामिल होने का प्रस्ताव स्वीकार कर सकती हैं। इन दिनों राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोर-शोर से चल रही कि हाल में ममता बनर्जी ने नई दिल्ली में सोनिया गांधी से मुलाकात की, तो सोनिया ने उन्हें कांग्रेस में उपाध्यक्ष पद देने का प्रस्ताव रखा।अब वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कांग्रेस में विलय की चर्चाओं को और हवा दे दी है। 

गहलोत ने दिया वापसी का सुझाव

इस बीच राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) को कांग्रेस में लौटने का सुझाव दिया है। उनके इस सुझाव को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गहलोत ने कहा कि कांग्रेस से टूटकर अस्तित्व में आए तमाम क्षेत्रीय दलों को फिर से कांग्रेस में विलय कर लेना चाहिए। उन्हें अपनी मूल पार्टी में वापस लौट आना चाहिए। राजनीतिक विश्लेषक गहलोत के इस सुझाव को ममता बनर्जी की कांग्रेस में वापसी के तौर पर देख रहे हैं। ममता बनर्जी एक समय में कांग्रेस की प्रखर नेता थीं। उनकी गिनती कांग्रेस के युवा तुर्कों में होती थी, लेकिन 1998 में उन्होंने कांग्रेस से अलग होकर तृणमूल कांग्रेस की स्थापना कर ली।

New Delhi: क्या है ममता की मजबूरी?

ममता के लिए टीएमसी के बागी नेता गंभीर चुनौती खड़ी कर चुके हैं। राज्य विधानसभा में उन्होंने ममता की भावनाओं के विरुद्ध प्रतिपक्ष का नेता बना लिया। केंद्र में उनके सांसदों ने अलग गुट बना लिया है। बागी नेता अब पार्टी के चुनाव चिन्ह और कार्यालय पर दावा करने की रणनीति में हैं। इसमें वे कामयाब भी हो सकते हैं। चुनाव चिह्न को खो देना नेतृत्व के लिए एक बड़ा झटका माना जाता है। ऐसे में ममता के सामने एक विकल्प यह है कि वे कांग्रेस में शामिल होकर फिर से अपना अभियान शुरू करें। कांग्रेस में लौटकर वे अपने अभियान को तेज कर भविष्य में पश्चिम बंगाल में कांग्रेस को सत्ता में लाकर बागियों को सबक सिखा सकती हैं।राज्य में कांग्रेस की मजबूत कर भाजपा से भी अपनी हार का बदला ले सकती हैं।आज जबकि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस अंतिम सांसें ले रही है, ममता को झटके पर झटके लग रहे हैं, जो उनके खास हुआ करते थे, वे ही उन्हें अलविदा कह रहे हैं, ऐसी स्थिति में बहुत संभावना है कि ममता अपने बचे-खुचे समर्थकों के साथ अपनी मूल पार्टी कांग्रेस में वापसी कर सकती हैं।