NCR Planning Board meeting Today : राजधानी दिल्ली में आज 42वीं एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की अहम बैठक होने वाली है। इसमें एक प्रस्ताव एनसीआर का दायरा 100 किलोमीटर तक सीमित करने का प्रस्ताव भी आएगा। हरियाणा के पानीपत, चरखी दादरी, जींद समेत 5 जिले एनसीआर से बाहर हो सकते हैं। बता दें कि राज्य सरकार ने इसके लिए प्रस्ताव दिया है। दिल्ली से 100 किमी के दायरे तक एनसीआर क्षेत्र सीमित हो सकता है। बैठक में दिल्ली, हरियाणा समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं। विज्ञान भवन में सुबह 11 बजे 42वीं एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक शुरू होगी।

एनसीआर के भविष्य और क्षेत्रीय विकास को लेकर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। अभी 24 जिलों में दिल्ली की सीमा से करीब 150 से 175 किलोमीटर दूर तक फैला हुआ है. इसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कई जिले भी शामिल हैं। एनसीआर का मुख्य दायरा दिल्ली के राजघाट से केवल 100 किलोमीटर के हवाई दायरे तक ही सीमित करने की बात है। इस 100 किमी के दायरे के बाहर के क्षेत्रों को मुख्य एनसीआर से अलग कर दिया जाएगा।
NCR के 5 जिले
- करनाल (Karnal): यह दिल्ली से करीब 120-121 किमी दूर है, जो नए दायरे से पूरी तरह बाहर हो जाता है।
- महेंद्रगढ़ (Mahendragarh): दिल्ली से करीब 112-113 किमी दूर होने के कारण यह भी लगभग पूरी तरह बाहर हो जाएगा।
- जींद (Jind): दिल्ली से इसकी दूरी 103-115 किमी है, जिससे इसकी तहसीलें दायरे से बाहर चली जाएंगी।
- पानीपत (Panipat): यह दिल्ली से 88-95 किमी की बॉर्डरलाइन पर है. इसका मुख्य शहर तो बच सकता है, लेकिन जिले का एक बड़ा हिस्सा 100 किमी के पार निकल जाता है।
- भिवानी (Bhiwani):दिल्ली से 107-108 किमी दूर होने के कारण इसकी केवल कुछ नजदीकी तहसीलें ही एनसीआर में बच पाएंगी ।
रखी ये शर्त
उत्तर प्रदेश में मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद और राजस्थान में अलवर, भरतपुर ने लचीला रुख अपनाया है कि अगर उनकी कोई तहसील आंशिक रूप से भी 100 किमी के भीतर है तो उसे शामिल रखा जाए। हरियाणा सरकार ने खुद यह सख्त शर्त रखी है कि केवल वही तहसीलें एनसीआर में रहेंगी जो पूरी तरह इस 100 किमी के दायरे के अंदर आती हैं।
Written By: Anushka








