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Telegram Court Challenge: नीट परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी रोक, सरकार के फैसले को अदालत में चुनौती

Telegram Court Challenge : नीट-यूजी परीक्षा को लेकर देशभर में सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के प्रयासों के बीच केंद्र सरकार द्वारा टेलीग्राम मंच पर लगाई गई अस्थायी रोक अब कानूनी बहस का विषय बन गई है। सरकार ने परीक्षा से पहले एक सप्ताह के लिए टेलीग्राम की सेवाओं पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया है। यह निर्णय पेपर लीक और नकल से जुड़ी आशंकाओं को देखते हुए लिया गया। वहीं टेलीग्राम ने इस फैसले को अदालत में चुनौती देते हुए सवाल उठाया है कि जब कई अन्य मंचों पर भी ऐसी गतिविधियां संभव हैं तो कार्रवाई केवल उसी पर क्यों की गई। टेलीग्राम के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पावेल ड्यूरोव ने सरकार के निर्णय पर आपत्ति जताई है।

उनका कहना है कि केवल टेलीग्राम को निशाना बनाना उचित नहीं है, क्योंकि सूचना साझा करने की सुविधा अन्य मंचों पर भी उपलब्ध है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ दूरसंचार कंपनियां उनके मंच की इंटरनेट कनेक्टिविटी को प्रभावित कर रही हैं, जिससे उपयोगकर्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

Telegram Court Challenge

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार भारत में किसी भी अनुप्रयोग, वेबसाइट या ऑनलाइन सामग्री को रोकने का अधिकार सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत केंद्र सरकार को प्राप्त है। इस प्रावधान के अंतर्गत सरकार देश की संप्रभुता, सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या अपराध रोकने जैसे कारणों से किसी मंच तक पहुंच सीमित कर सकती है। नीट जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक और धोखाधड़ी रोकने को भी इसी दायरे में माना जा सकता है।

ब्लॉकिंग नियम और आपातकालीन कार्रवाई

धारा 69ए के साथ सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2009 भी लागू होते हैं। इनके तहत संबंधित एजेंसियां शिकायत या रिपोर्ट के आधार पर मंत्रालय को प्रस्ताव भेजती हैं। जांच के बाद आवश्यकता पड़ने पर रोक लगाने का आदेश जारी किया जाता है। आपात स्थिति में सरकार तत्काल अंतरिम आदेश भी जारी कर सकती है। हालांकि, बाद में उसकी समीक्षा अनिवार्य होती है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी पूरे मंच को बंद करना गंभीर कदम माना जाता है, क्योंकि इससे लाखों सामान्य उपयोगकर्ता प्रभावित होते हैं।

संविधान नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है, लेकिन सार्वजनिक हित और सुरक्षा के लिए उचित प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं। ऐसे में टेलीग्राम पर लगी अस्थायी रोक परीक्षा सुरक्षा और डिजिटल स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाने की एक बड़ी परीक्षा बन गई है, जिस पर अब अदालत की नजर रहेगी।

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Written By : Rashmi Sharma